📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Roksenhorn
स्वास्थ्य
ड्रोन से दवाइयाँ पहुँचीं आंध्र प्रदेश के दूरस्थ जनजातीय बस्तियों में
✍️ The New Indian Express
🗓 31 अग. 2026, 11:18 AM
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ड्रोन‑आधारित चिकित्सा परिवहन ने आंध्र प्रदेश के जनजातीय गाँवों में आवश्यक दवाइयाँ पहुँचाकर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान बना दी है।
आंध्र प्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने दूरस्थ जनजातीय बस्तियों में आवश्यक दवाइयाँ पहुँचाने के लिए ड्रोन‑आधारित सेवा शुरू की है, जहाँ सड़क मार्ग अक्सर अनुपलब्ध होते हैं। तापमान‑नियंत्रित कम्पार्टमेंट वाले ये बिना पायलट वाले विमान क्षेत्रीय हब से निकाले जाते हैं और पहाड़ी व वनाच्छादित इलाकों में स्थित गाँवों तक पहुँचते हैं।
यह पहल एक तकनीकी साझेदार के सहयोग से तैयार की गई है, जिसका उद्देश्य दूरस्थ जनसंख्या को समय पर चिकित्सा सहायता प्रदान करना है। खराब सड़कों को बायपास करके ड्रोन कुछ घंटों में दवाइयाँ, टीके और आपातकालीन किट पहुँचाते हैं, जबकि पारंपरिक व्यवस्था में कई दिन लगते।
स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस नई व्यवस्था ने आवश्यक दवाओं की आपूर्ति में यात्रा समय को काफी घटा दिया है, जिससे इन underserved समुदायों में रोकथाम योग्य बीमारियों की दर घटने की उम्मीद है।
भविष्य में अधिक जिलों में इस नेटवर्क का विस्तार करने की योजना है, साथ ही टेली‑कंसल्टेशन सेवाओं को जोड़कर ड्रोन द्वारा निदान नमूने भी ले जाया जाएगा।
यह पहल एक तकनीकी साझेदार के सहयोग से तैयार की गई है, जिसका उद्देश्य दूरस्थ जनसंख्या को समय पर चिकित्सा सहायता प्रदान करना है। खराब सड़कों को बायपास करके ड्रोन कुछ घंटों में दवाइयाँ, टीके और आपातकालीन किट पहुँचाते हैं, जबकि पारंपरिक व्यवस्था में कई दिन लगते।
स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस नई व्यवस्था ने आवश्यक दवाओं की आपूर्ति में यात्रा समय को काफी घटा दिया है, जिससे इन underserved समुदायों में रोकथाम योग्य बीमारियों की दर घटने की उम्मीद है।
भविष्य में अधिक जिलों में इस नेटवर्क का विस्तार करने की योजना है, साथ ही टेली‑कंसल्टेशन सेवाओं को जोड़कर ड्रोन द्वारा निदान नमूने भी ले जाया जाएगा।