📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Hiruthik dharsan
राजनीति
डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता ने कहा, तमिलनाडु में कानून व्यवस्था स्वतंत्रता के बाद से सबसे खराब, अभिनेता विजय को निशाना बनाया
✍️ India Today
🗓 29 अक्टू. 2026, 12:26 AM
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एक वरिष्ठ डेमोक्रेटिक पार्टी नेता ने राज्य की बिगड़ती कानून व्यवस्था को स्वतंत्रता के बाद से सबसे खराब बताया और हालिया अशांति में अभिनेता विजय को जिम्मेदार ठहराया।
डेमोक्रेटिक पार्टी (DMK) के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि तमिलनाडु में कानून‑और‑व्यवस्था का स्तर स्वतंत्रता के बाद से सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। यह टिप्पणी उन्होंने हाल ही में हुई कई घटनाओं के बाद की, जो जनता में असुरक्षा की भावना को बढ़ा रही थीं।
नेता ने विशेष रूप से लोकप्रिय फिल्म स्टार विजय के बयानों को उठाते हुए कहा कि उनके बयान ने स्थिति को और बिगाड़ा है। जबकि अभिनेता के बयानों और कानून‑व्यवस्था के गिरावट के बीच कोई प्रत्यक्ष संबंध स्थापित नहीं किया गया, इस अवसर पर नेता ने कड़ी कार्रवाई और लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे की मांग की।
कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने इस राजनीतिक आलोचना पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, यह कहा कि उनका मुख्य काम सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना और अशांति के मूल कारणों को दूर करना है। DMK नेता ने राज्य सरकार से त्वरित सुधारात्मक कदम उठाने की अपील की, ताकि नागरिकों का भरोसा फिर से स्थापित हो सके।
यह बयान राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दलों के राज्य प्रशासन की सार्वजनिक सुरक्षा पर सवाल उठाने के बीच आया है, जहाँ तमिलनाडु अपनी बड़ी जनसंख्या और आर्थिक महत्व के कारण विशेष ध्यान का केंद्र बना हुआ है।
नेता ने विशेष रूप से लोकप्रिय फिल्म स्टार विजय के बयानों को उठाते हुए कहा कि उनके बयान ने स्थिति को और बिगाड़ा है। जबकि अभिनेता के बयानों और कानून‑व्यवस्था के गिरावट के बीच कोई प्रत्यक्ष संबंध स्थापित नहीं किया गया, इस अवसर पर नेता ने कड़ी कार्रवाई और लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे की मांग की।
कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने इस राजनीतिक आलोचना पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, यह कहा कि उनका मुख्य काम सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना और अशांति के मूल कारणों को दूर करना है। DMK नेता ने राज्य सरकार से त्वरित सुधारात्मक कदम उठाने की अपील की, ताकि नागरिकों का भरोसा फिर से स्थापित हो सके।
यह बयान राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दलों के राज्य प्रशासन की सार्वजनिक सुरक्षा पर सवाल उठाने के बीच आया है, जहाँ तमिलनाडु अपनी बड़ी जनसंख्या और आर्थिक महत्व के कारण विशेष ध्यान का केंद्र बना हुआ है।