📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Information and Broadcasting
सरकारी योजना
डिजिटल भारत निधि ने छत्तीसगढ़ सरकार के साथ ग्राम पंचायतों व गांवों के डिजिटलकरण का समझौता किया
✍️ News On AIR
🗓 19 अग. 2026, 10:49 AM
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डिजिटल भारत निधि ने छत्तीसगढ़ सरकार के साथ सभी ग्राम पंचायतों व गांवों के डिजिटलकरण के लिए समझौता किया, जिससे आधारभूत ई‑शासन को सुदृढ़ किया जाएगा।
नई दिल्ली – डिजिटल भारत निधि, जो डिजिटल परिवर्तन में सार्वजनिक‑निजी साझेदारी के तहत काम करती है, ने छत्तीसगढ़ सरकार के साथ एक समझौता किया है जिससे राज्य की सभी ग्राम पंचायतों और गांवों का व्यापक डिजिटलकरण किया जाएगा। इस समझौते में हार्डवेयर, सॉफ़्टवेयर और प्रशिक्षण मॉड्यूल के चरणबद्ध कार्यान्वयन का विवरण दिया गया है, जिससे भूमि अभिलेख, कल्याण योजनाओं और स्थानीय प्रशासनिक डेटा जैसी सेवाएँ ऑनलाइन उपलब्ध होंगी।
समझौते के तहत डिजिटल कियोस्क, ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी और क्लाउड‑आधारित प्लेटफ़ॉर्म ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित किए जाएंगे, साथ ही स्थानीय अधिकारियों और समुदाय के सदस्यों को इन उपकरणों के उपयोग में प्रशिक्षित किया जाएगा। यह पहल कागज़ी कार्य को कम करके प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेज़ और पारदर्शी बनाने की उम्मीद रखती है।
समझौते पर दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हस्ताक्षर किए, जिन्होंने कहा कि यह पहल डिजिटल इंडिया विज़न और छत्तीसगढ़ की ग्रामीण प्रशासन को आधुनिकीकरण के लक्ष्य के साथ पूरी तरह मेल खाती है। कार्यान्वयन अगले तिमाही में शुरू होने की संभावना है, और प्रगति एवं प्रभाव का मूल्यांकन करने के लिए समय‑समय पर समीक्षा की जाएगी।
आशा की जा रही है कि इस डिजिटलकरण से न केवल सेवा वितरण में सुधार होगा, बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए नई कौशल‑विकास के अवसर भी पैदा होंगे, जिससे वे डिजिटल अर्थव्यवस्था में अधिक सक्रिय भागीदारी कर सकें।
समझौते के तहत डिजिटल कियोस्क, ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी और क्लाउड‑आधारित प्लेटफ़ॉर्म ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित किए जाएंगे, साथ ही स्थानीय अधिकारियों और समुदाय के सदस्यों को इन उपकरणों के उपयोग में प्रशिक्षित किया जाएगा। यह पहल कागज़ी कार्य को कम करके प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेज़ और पारदर्शी बनाने की उम्मीद रखती है।
समझौते पर दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हस्ताक्षर किए, जिन्होंने कहा कि यह पहल डिजिटल इंडिया विज़न और छत्तीसगढ़ की ग्रामीण प्रशासन को आधुनिकीकरण के लक्ष्य के साथ पूरी तरह मेल खाती है। कार्यान्वयन अगले तिमाही में शुरू होने की संभावना है, और प्रगति एवं प्रभाव का मूल्यांकन करने के लिए समय‑समय पर समीक्षा की जाएगी।
आशा की जा रही है कि इस डिजिटलकरण से न केवल सेवा वितरण में सुधार होगा, बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए नई कौशल‑विकास के अवसर भी पैदा होंगे, जिससे वे डिजिटल अर्थव्यवस्था में अधिक सक्रिय भागीदारी कर सकें।