📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
राजनीति
देवेंद्र फडनविस को महाराष्ट्र में ‘सुपर सीएम’ कहा, क्या अन्य राज्यों में भी ऐसा कोई पद है?
✍️ News18
🗓 20 अग. 2026, 07:39 PM
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राजनीति विश्लेषकों ने देवेंद्र फडनविस को महाराष्ट्र के ‘सुपर सीएम’ कहा, जिससे सवाल उठे कि क्या अन्य राज्यों में भी ऐसा कोई पद है।
देवेंद्र फडनविस, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, को हाल ही में महाराष्ट्र में ‘सुपर सीएम’ कहा जा रहा है। यह उपाधि उनके राज्य के गठबंधन सरकार में बढ़ी हुई प्रभावशाली भूमिका को दर्शाती है, जहाँ उन्हें सामान्य मुख्यमंत्री की सीमाओं से परे निर्णय‑निर्माण में प्रमुख माना जा रहा है।
इस शब्दावली ने राजनीतिक विश्लेषकों को यह सवाल उठाने पर मजबूर किया है कि क्या भारत के अन्य राज्यों में भी इसी तरह की व्यवस्थाएँ मौजूद हैं। कुछ राज्यों में वरिष्ठ मंत्री या उपमुख्य मंत्री को बड़ी शक्ति दी गई है, परन्तु ‘सुपर सीएम’ जैसा कोई आधिकारिक पद स्थापित नहीं हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह शब्दावली मुख्यतः विश्लेषणात्मक है, जो महाराष्ट्र की वर्तमान शक्ति‑साझाकरण की गतिशीलता को उजागर करती है। यह चर्चा राज्य‑स्तर की नेतृत्व संरचनाओं के बदलते स्वरूप को दर्शाती है।
महाराष्ट्र सरकार की ओर से इस नए पद की सृष्टि को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, और यह उपाधि मीडिया‑द्वारा प्रयुक्त एक वर्णनात्मक शब्द है, न कि संवैधानिक या वैधानिक पद।
नज़रें अब इस बात पर टिकी हैं कि इस प्रकार की शक्ति‑केन्द्रित भूमिका शासन को कैसे प्रभावित करेगी और अन्य राज्यों में समान तुलना कैसे बनती है।
इस शब्दावली ने राजनीतिक विश्लेषकों को यह सवाल उठाने पर मजबूर किया है कि क्या भारत के अन्य राज्यों में भी इसी तरह की व्यवस्थाएँ मौजूद हैं। कुछ राज्यों में वरिष्ठ मंत्री या उपमुख्य मंत्री को बड़ी शक्ति दी गई है, परन्तु ‘सुपर सीएम’ जैसा कोई आधिकारिक पद स्थापित नहीं हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह शब्दावली मुख्यतः विश्लेषणात्मक है, जो महाराष्ट्र की वर्तमान शक्ति‑साझाकरण की गतिशीलता को उजागर करती है। यह चर्चा राज्य‑स्तर की नेतृत्व संरचनाओं के बदलते स्वरूप को दर्शाती है।
महाराष्ट्र सरकार की ओर से इस नए पद की सृष्टि को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, और यह उपाधि मीडिया‑द्वारा प्रयुक्त एक वर्णनात्मक शब्द है, न कि संवैधानिक या वैधानिक पद।
नज़रें अब इस बात पर टिकी हैं कि इस प्रकार की शक्ति‑केन्द्रित भूमिका शासन को कैसे प्रभावित करेगी और अन्य राज्यों में समान तुलना कैसे बनती है।