📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Environment, Forest and Climate Change
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दिल्ली‑एनसीआर में निर्माण पर रोक, 50% कार्य‑दूरस्थ व्यवस्था, गंभीर प्रदूषण के बीच
✍️ The Economic Times
🗓 31 अक्टू. 2026, 07:33 PM
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 5 से 20 नवंबर तक दिल्ली‑एनसीआर में सभी निर्माण कार्य रोकने और 50% कार्य‑दूरस्थ व्यवस्था लागू करने का आदेश दिया, ताकि गंभीर वायु प्रदूषण को कम किया जा सके।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने मंगलवार को घोषणा की कि 5 से 20 नवंबर तक दिल्ली‑एनसीआर क्षेत्र में सभी निर्माण कार्य रोक दिए जाएँगे। इसके साथ ही बोर्ड ने उसी अवधि में कम से कम 50% कार्यबल को घर से काम करने का आदेश दिया है।
यह निर्देश तब आया है जब क्षेत्र का वायु गुणवत्ता सूचकांक लगातार राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता मानकों से अधिक रहा है, विशेषकर PM2.5 कणों के स्तर ने खतरनाक स्तर तक पहुँच गया है। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण धूल और वाहन उत्सर्जन वायु प्रदूषण के प्रमुख कारण हैं।
नई नियम के तहत निर्माण कंपनियों को साइट पर सभी कार्य रोकने और सामग्री को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया गया है। नगरपालिकाएँ अनुपालन की निगरानी करेंगी और उल्लंघन पर दंड लगाए जाएँगे। 50% घर‑से‑काम की व्यवस्था सभी सरकारी कार्यालयों और रिमोट कार्य कर सकने वाली निजी कंपनियों पर लागू होगी।
इस कदम से निर्माण धूल और अन्य प्रदूषकों के उत्सर्जन में लगभग 20% की कमी की उम्मीद है, जिससे श्वसन रोगों से पीड़ित निवासियों को अस्थायी राहत मिलेगी। परंतु व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि कार्य रोक से आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और लागत में वृद्धि हो सकती है।
यह निर्देश तब आया है जब क्षेत्र का वायु गुणवत्ता सूचकांक लगातार राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता मानकों से अधिक रहा है, विशेषकर PM2.5 कणों के स्तर ने खतरनाक स्तर तक पहुँच गया है। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण धूल और वाहन उत्सर्जन वायु प्रदूषण के प्रमुख कारण हैं।
नई नियम के तहत निर्माण कंपनियों को साइट पर सभी कार्य रोकने और सामग्री को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया गया है। नगरपालिकाएँ अनुपालन की निगरानी करेंगी और उल्लंघन पर दंड लगाए जाएँगे। 50% घर‑से‑काम की व्यवस्था सभी सरकारी कार्यालयों और रिमोट कार्य कर सकने वाली निजी कंपनियों पर लागू होगी।
इस कदम से निर्माण धूल और अन्य प्रदूषकों के उत्सर्जन में लगभग 20% की कमी की उम्मीद है, जिससे श्वसन रोगों से पीड़ित निवासियों को अस्थायी राहत मिलेगी। परंतु व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि कार्य रोक से आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और लागत में वृद्धि हो सकती है।