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21 सित. 2026
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दिल्ली में 'वर्चुअल ऑटिज़्म' का बढ़ता खतरा, बच्चे बात करना छोड़ स्क्रीन की ओर
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Staff Sgt. Andrew Smith (U.S Army Photographer) Ex
स्वास्थ्य

दिल्ली में 'वर्चुअल ऑटिज़्म' का बढ़ता खतरा, बच्चे बात करना छोड़ स्क्रीन की ओर

✍️ bhaskarenglish.in 🗓 21 सित. 2026, 03:46 PM 👁 13
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दिल्ली के स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बच्चे अब कम बोल रहे हैं और डिजिटल उपकरणों पर अधिक समय बिता रहे हैं, जिसे उन्होंने 'वर्चुअल ऑटिज़्म' कहा है।

दिल्ली के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बच्चों के संवाद में स्पष्ट बदलाव देखा है, जहाँ कई बच्चे अब मौन रहकर डिजिटल उपकरणों पर स्क्रॉल करना पसंद कर रहे हैं। स्थानीय चिकित्सकों ने इस प्रवृत्ति को 'वर्चुअल ऑटिज़्म' कहा है, जो लंबे समय तक स्क्रीन के सामने रहने से मौखिक संपर्क में कमी को दर्शाता है।

यह रुझान ऑनलाइन शिक्षा और मनोरंजन प्लेटफ़ॉर्म के बढ़ते उपयोग से जुड़ा है, विशेषकर महामारी के बाद, जब बच्चों ने सीखने और मनोरंजन दोनों के लिए स्मार्टफ़ोन और टैबलेट पर अधिक निर्भरता दिखाई। विशेषज्ञों का कहना है कि निरंतर दृश्य उत्तेजना भाषा विकास और सामाजिक कौशल को बाधित कर सकती है।

विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि समय पर हस्तक्षेप न करने पर यह आदत दीर्घकालिक संज्ञानात्मक और भावनात्मक समस्याओं का कारण बन सकती है। वे स्क्रीन‑टाइम को संरचित करने, आमने‑सामने बातचीत को प्रोत्साहित करने और दैनिक दिनचर्या में बाहरी खेल और इंटरैक्टिव गतिविधियों को शामिल करने की सलाह देते हैं।

दिल्ली स्वास्थ्य विभाग माता‑पिता और शिक्षकों को लक्षित करके जागरूकता अभियान शुरू करने की योजना बना रहा है, ताकि इस उभरते मुद्दे को बड़े पैमाने पर फैलने से पहले ही रोका जा सके।
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