📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sudipta Maulik
राजनीति
दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर पर हुए ‘क्रैकडाउन’ को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर किया याचिका
✍️ NDTV
🗓 19 अग. 2026, 05:39 AM
👁 4
दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर में हालिया क्रैकडाउन को लेकर आलोचना से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, यह कहते हुए कि मीडिया का चित्रण पक्षपाती है।
दिल्ली पुलिस ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें जंतर मंतर में हालिया कार्रवाई को लेकर मीडिया के पक्षपाती चित्रण का विरोध किया गया है। याचिका में कहा गया है कि पुलिस ने कानून के दायरे में, अनुपातिक और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से कार्रवाई की।
पुलिस का कहना है कि कई मीडिया रिपोर्टों ने "एकतरफ़ा तस्वीर" पेश की है, जिससे विभाग की छवि को नुकसान पहुंचा है। इस कारण याचिका में आगे की गलत प्रस्तुति को रोकने और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए निर्देश मांगा गया है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप इस बात का मानक स्थापित कर सकता है कि सार्वजनिक प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को कैसे रिपोर्ट और समीक्षा किया जाए। इस मामले की सुनवाई आने वाले हफ्तों में होने की संभावना है, जहाँ पुलिस और नागरिक अधिकार समूह दोनों अपने-अपने तर्क पेश करेंगे।
जंतर मंतर, जो दिल्ली में प्रदर्शन का पारंपरिक स्थल है, में हाल के महीनों में कई बड़े जुटाव हुए हैं, जिससे सुरक्षा उपायों को कड़ा किया गया। पुलिस का कहना है कि उनका जवाब स्थिति को बिगड़ने से बचाते हुए प्रदर्शनकारियों और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संतुलित था।
पुलिस का कहना है कि कई मीडिया रिपोर्टों ने "एकतरफ़ा तस्वीर" पेश की है, जिससे विभाग की छवि को नुकसान पहुंचा है। इस कारण याचिका में आगे की गलत प्रस्तुति को रोकने और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए निर्देश मांगा गया है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप इस बात का मानक स्थापित कर सकता है कि सार्वजनिक प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को कैसे रिपोर्ट और समीक्षा किया जाए। इस मामले की सुनवाई आने वाले हफ्तों में होने की संभावना है, जहाँ पुलिस और नागरिक अधिकार समूह दोनों अपने-अपने तर्क पेश करेंगे।
जंतर मंतर, जो दिल्ली में प्रदर्शन का पारंपरिक स्थल है, में हाल के महीनों में कई बड़े जुटाव हुए हैं, जिससे सुरक्षा उपायों को कड़ा किया गया। पुलिस का कहना है कि उनका जवाब स्थिति को बिगड़ने से बचाते हुए प्रदर्शनकारियों और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संतुलित था।