📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rohit2301
मौसम
दिल्ली‑एनसीआर में ए़क्यूआई ‘पुअर’ होने पर GRAP‑I प्रदूषण नियंत्रण लागू
✍️ Jagran Josh
🗓 21 अक्टू. 2026, 05:18 PM
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आज से दिल्ली‑एनसीआर ने ए़क्यूआई के ‘पुअर’ स्तर पर गिरने के बाद GRAP‑I के पहले चरण के प्रदूषण प्रतिबंध लागू कर दिए हैं।
दिल्ली‑एनसीआर ने गुरुवार से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP‑I) के पहले चरण को लागू किया है, क्योंकि ए़क्यूआई ‘पुअर’ स्तर पर गिर गया है। GRAP‑I के तहत धूल उत्पन्न करने वाले निर्माण कार्यों को रोकना, डीज़ल जेनरेटर के उपयोग को सीमित करना और सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में वाहन उत्सर्जन पर कड़ी रोक लगाना शामिल है।
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने तत्काल उपायों की विस्तृत सूची जारी की, जिसमें गैर‑आवश्यक निर्माण कार्यों का निलंबन, ईंट भठ्ठियों का बंद होना और वाणिज्यिक वाहनों के लिए कम सल्फर ईंधन का अनिवार्य उपयोग शामिल है। सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहित किया जा रहा है और वास्तविक‑समय में प्रदूषण स्तर को ट्रैक करने के लिए अतिरिक्त सड़क मॉनिटरिंग स्टेशन सक्रिय किए गए हैं।
अधिकारी बताते हैं कि ये प्रतिबंध ए़क्यूआई को ‘मॉडरेट’ सीमा में लाने के लिए एक सप्ताह के भीतर प्रभावी होंगे। यदि वायु गुणवत्ता में सुधार नहीं होता है तो DPCC रोज़ाना स्थिति की समीक्षा करेगा और GRAP‑II पर जा सकता है। निवासियों को विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन रोगियों को बाहर की गतिविधियों से बचने की सलाह दी गई है।
यह कदम क्षेत्र में सर्दियों के दौरान अक्सर बढ़ने वाले धुंध के बारे में बढ़ती चिंताओं के बीच उठाया गया है। GRAP‑I को तुरंत लागू करके प्रशासन स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने और लंबे समय तक खराब वायु गुणवत्ता के आर्थिक प्रभाव को घटाने का लक्ष्य रखता है।
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने तत्काल उपायों की विस्तृत सूची जारी की, जिसमें गैर‑आवश्यक निर्माण कार्यों का निलंबन, ईंट भठ्ठियों का बंद होना और वाणिज्यिक वाहनों के लिए कम सल्फर ईंधन का अनिवार्य उपयोग शामिल है। सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहित किया जा रहा है और वास्तविक‑समय में प्रदूषण स्तर को ट्रैक करने के लिए अतिरिक्त सड़क मॉनिटरिंग स्टेशन सक्रिय किए गए हैं।
अधिकारी बताते हैं कि ये प्रतिबंध ए़क्यूआई को ‘मॉडरेट’ सीमा में लाने के लिए एक सप्ताह के भीतर प्रभावी होंगे। यदि वायु गुणवत्ता में सुधार नहीं होता है तो DPCC रोज़ाना स्थिति की समीक्षा करेगा और GRAP‑II पर जा सकता है। निवासियों को विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन रोगियों को बाहर की गतिविधियों से बचने की सलाह दी गई है।
यह कदम क्षेत्र में सर्दियों के दौरान अक्सर बढ़ने वाले धुंध के बारे में बढ़ती चिंताओं के बीच उठाया गया है। GRAP‑I को तुरंत लागू करके प्रशासन स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने और लंबे समय तक खराब वायु गुणवत्ता के आर्थिक प्रभाव को घटाने का लक्ष्य रखता है।