📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Aadi.00
अपराध
झोटा हत्याकांड के संदिग्ध से जुड़ी कुराली की दवा फैक्टरी के पते की दिल्ली में जांच शुरू
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 26 अक्टू. 2026, 10:03 AM
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झोटा हत्याकांड के मुख्य आरोपी अश्वनी के साथ जुड़ाव सामने आने के बाद, कुराली की दवा फैक्टरी से जुड़े दिल्ली के पते की जांच शुरू की गई है।
पंजाब पुलिस ने कुराली स्थित दवा फैक्टरी की जांच को विस्तारित किया है, जब फैक्टरी के सहयोगी अश्वनी को मानसा में हुए परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड से जोड़ा गया। अब जांच का दायरा दिल्ली के एक पते तक बढ़ गया है, जिसे फैक्टरी के संचालन से जुड़ा माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, इस दिल्ली पते की जाँच में संभावित अवैध दवा निर्माण या वितरण नेटवर्क की तलाश की जा रही है, जो अपराध में सहायक हो सकता है। अधिकारियों ने दस्तावेज़, वित्तीय रिकॉर्ड और फोरेंसिक परीक्षण के माध्यम से इस स्थान के संबंध में साक्ष्य इकट्ठा किए हैं।
यह जांच राज्य के अधिकारियों द्वारा अपराधी ड्रग नेटवर्क को तोड़ने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जो क्षेत्र में हिंसक अपराधों को फंडिंग या समर्थन देने का संदेह है। परिणाम आने तक आगे की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
अभी तक किसी गिरफ्तारी की सूचना नहीं मिली है और जांच प्रारम्भिक चरण में है। अधिकारियों ने जनता से इस मामले से संबंधित किसी भी पूछताछ में सहयोग करने का अनुरोध किया है।
यह मामला पंजाब में संगठित अपराध और फार्मास्यूटिकल सेक्टर के बीच बढ़ते संबंध को उजागर करता है, जिससे कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सतर्कता में इजाफा हुआ है।
सूत्रों के अनुसार, इस दिल्ली पते की जाँच में संभावित अवैध दवा निर्माण या वितरण नेटवर्क की तलाश की जा रही है, जो अपराध में सहायक हो सकता है। अधिकारियों ने दस्तावेज़, वित्तीय रिकॉर्ड और फोरेंसिक परीक्षण के माध्यम से इस स्थान के संबंध में साक्ष्य इकट्ठा किए हैं।
यह जांच राज्य के अधिकारियों द्वारा अपराधी ड्रग नेटवर्क को तोड़ने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जो क्षेत्र में हिंसक अपराधों को फंडिंग या समर्थन देने का संदेह है। परिणाम आने तक आगे की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
अभी तक किसी गिरफ्तारी की सूचना नहीं मिली है और जांच प्रारम्भिक चरण में है। अधिकारियों ने जनता से इस मामले से संबंधित किसी भी पूछताछ में सहयोग करने का अनुरोध किया है।
यह मामला पंजाब में संगठित अपराध और फार्मास्यूटिकल सेक्टर के बीच बढ़ते संबंध को उजागर करता है, जिससे कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सतर्कता में इजाफा हुआ है।