📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Unknown authorUnknown author
अपराध
राजस्थान में शादी के कार्ड से साइबर ठगी, बैंक खाते खतरे में
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 06 अक्टू. 2026, 03:00 PM
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शादी के मौसम में राजस्थान में साइबर ठग शादी के कार्ड, होटल वेंयू या प्री‑वेडिंग वीडियो के रूप में एपीके फाइलें व फिशिंग लिंक भेज रहे हैं, जिससे पुलिस ने चेतावनी जारी की है।
राजस्थान की पुलिस साइबर टीम ने एक नई ठगी की पहचान की है, जिसमें शादी के कार्ड, होटल बुकिंग की पुष्टि या प्री‑वेडिंग वीडियो के रूप में दिखाए गए संदेशों में एपीके फाइलें या फिशिंग लिंक भेजे जा रहे हैं।
इन एपीके फाइलों को इंस्टॉल करने पर मोबाइल डिवाइस से व्यक्तिगत जानकारी चोरी हो सकती है, जबकि फिशिंग लिंक नकली भुगतान पेज बनाकर बैंकिंग क्रेडेंशियल्स चुराते हैं। एक बार जानकारी मिल जाने पर ठग तुरंत पीड़ित के बैंक खाते से धन निकाल लेते हैं।
राजस्थान पुलिस ने जनता से अपील की है कि ऐसे अनजान एप्लिकेशन न डाउनलोड करें और संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। यदि कोई संदेश प्राप्त हो, तो भेजने वाले की पहचान सीधे फोन द्वारा पुष्टि करें और संदिग्ध मामलों की सूचना नजदीकी पुलिस स्टेशन में दें।
पुलिस ने यह भी बताया कि वैध शादी के विक्रेता और स्थल आम तौर पर आधिकारिक माध्यमों से जानकारी साझा करते हैं और कभी भी अनजान एप्लिकेशन इंस्टॉल करने या बैंक विवरण देने को नहीं कहेंगे। जांच जारी है और ठगी करने वालों को पकड़ने के लिए कार्रवाई की जा रही है।
इन एपीके फाइलों को इंस्टॉल करने पर मोबाइल डिवाइस से व्यक्तिगत जानकारी चोरी हो सकती है, जबकि फिशिंग लिंक नकली भुगतान पेज बनाकर बैंकिंग क्रेडेंशियल्स चुराते हैं। एक बार जानकारी मिल जाने पर ठग तुरंत पीड़ित के बैंक खाते से धन निकाल लेते हैं।
राजस्थान पुलिस ने जनता से अपील की है कि ऐसे अनजान एप्लिकेशन न डाउनलोड करें और संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। यदि कोई संदेश प्राप्त हो, तो भेजने वाले की पहचान सीधे फोन द्वारा पुष्टि करें और संदिग्ध मामलों की सूचना नजदीकी पुलिस स्टेशन में दें।
पुलिस ने यह भी बताया कि वैध शादी के विक्रेता और स्थल आम तौर पर आधिकारिक माध्यमों से जानकारी साझा करते हैं और कभी भी अनजान एप्लिकेशन इंस्टॉल करने या बैंक विवरण देने को नहीं कहेंगे। जांच जारी है और ठगी करने वालों को पकड़ने के लिए कार्रवाई की जा रही है।