📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Wikice
अपराध
भैरुंदा, सीहोर में किशोरी के बलात्कार के मामले में विशाल इवने को 20 साल की सजा
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 27 अक्टू. 2026, 04:31 PM
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सीहोर जिले के अदालत ने विशाल इवने को किशोरी के बलात्कार में दोषी ठहराते हुए पॉक्सो एक्ट के तहत 20 साल और अन्य धारा में 5 साल की सजा सुनाई।
भैरुंदा, सीहोर के न्यायालय ने एक ऐसे मामले में फैसला सुनाया जिसमें एक किशोरी को कपड़े दिलाने के बहाने फँसाया गया और फिर बलात्कार किया गया। आरोपी विशाल इवने को पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत दुष्कर्म का दोषी ठहराया गया।
न्यायालय ने इवने को पॉक्सो एक्ट के तहत बीस साल की सजा सुनाई, जो नाबालिग के खिलाफ किए गए इस अपराध की गंभीरता को दर्शाती है। इसके अतिरिक्त, अन्य संबंधित धाराओं में पाँच साल की सश्रम कारावास की सजा भी तय की गई, जिसे क्रमिक रूप से काटा जाएगा।
यह सजा मध्य प्रदेश में बाल यौन अपराधों के खिलाफ कठोर दंड देने की न्यायिक प्रतिबद्धता को उजागर करती है, जिसका उद्देश्य भविष्य में ऐसे अपराधों को रोकना और पीड़िता तथा उसके परिवार को न्याय दिलाना है।
कानून विशेषज्ञों का कहना है कि कुल पच्चीस साल की सजा, कानून द्वारा निर्धारित अधिकतम दंड का पालन दर्शाती है।
यह मामला ग्रामीण क्षेत्रों में नाबालिगों की सुरक्षा के लिए सतर्कता बढ़ाने और संभावित जोखिमों से बचाव के उपायों की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है।
न्यायालय ने इवने को पॉक्सो एक्ट के तहत बीस साल की सजा सुनाई, जो नाबालिग के खिलाफ किए गए इस अपराध की गंभीरता को दर्शाती है। इसके अतिरिक्त, अन्य संबंधित धाराओं में पाँच साल की सश्रम कारावास की सजा भी तय की गई, जिसे क्रमिक रूप से काटा जाएगा।
यह सजा मध्य प्रदेश में बाल यौन अपराधों के खिलाफ कठोर दंड देने की न्यायिक प्रतिबद्धता को उजागर करती है, जिसका उद्देश्य भविष्य में ऐसे अपराधों को रोकना और पीड़िता तथा उसके परिवार को न्याय दिलाना है।
कानून विशेषज्ञों का कहना है कि कुल पच्चीस साल की सजा, कानून द्वारा निर्धारित अधिकतम दंड का पालन दर्शाती है।
यह मामला ग्रामीण क्षेत्रों में नाबालिगों की सुरक्षा के लिए सतर्कता बढ़ाने और संभावित जोखिमों से बचाव के उपायों की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है।