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कोर्ट ने हरियाणा पीएससी को इंटरव्यू मानदंड बदलने पर चेतावनी दी
✍️ The Indian Express
🗓 21 अग. 2026, 06:03 AM
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हरियाणा हाई कोर्ट ने राज्य के सार्वजनिक सेवा आयोग को इंटरव्यू के मानदंड नहीं बदलने का आदेश दिया, छह दिन पहले किए गए बदलाव को खारिज किया।
हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा सार्वजनिक सेवा आयोग (एचपीएससी) को इंटरव्यू के पात्रता मानदंडों में बदलाव न करने का आदेश दिया, क्योंकि आयोग ने इंटरव्यू की तिथि से केवल छह दिन पहले ही इन्हें बदलने का इरादा जताया था। यह आदेश उन उम्मीदवारों द्वारा दायर याचिका के बाद दिया गया, जिन्होंने कहा कि इस तरह का अचानक परिवर्तन चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता को प्रभावित करेगा।
याचिका में बताया गया कि एचपीएससी ने इंटरव्यू मानदंडों में संशोधन की घोषणा केवल कुछ ही दिनों में की, जिससे अभ्यर्थियों को नई शर्तों के अनुसार तैयारी करने का पर्याप्त समय नहीं मिला। आवेदकों ने तर्क दिया कि इस प्रकार की देर से बदलाव प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है और पहले से निर्धारित शर्तों का पालन करने वालों को नुकसान पहुंचा सकता है।
कोर्ट ने कहा कि आयोग को इतनी कम सूचना पर मानदंड बदलने का अधिकार नहीं है और उसे मूल रूप से घोषित मानदंडों का पालन करना चाहिए। इस निर्णय में प्रक्रिया की स्थिरता को सार्वजनिक सेवा भर्ती की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आवश्यक माना गया है।
इस आदेश के बाद एचपीएससी को निर्धारित तिथि पर इंटरव्यू को मूल मानदंडों के अनुसार आयोजित करना होगा, जिससे सभी उम्मीदवार समान आधार पर मूल्यांकनित हों। यह फैसला भविष्य में राज्य भर में होने वाली भर्ती प्रक्रियाओं के लिए एक मिसाल स्थापित करेगा।
याचिका में बताया गया कि एचपीएससी ने इंटरव्यू मानदंडों में संशोधन की घोषणा केवल कुछ ही दिनों में की, जिससे अभ्यर्थियों को नई शर्तों के अनुसार तैयारी करने का पर्याप्त समय नहीं मिला। आवेदकों ने तर्क दिया कि इस प्रकार की देर से बदलाव प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है और पहले से निर्धारित शर्तों का पालन करने वालों को नुकसान पहुंचा सकता है।
कोर्ट ने कहा कि आयोग को इतनी कम सूचना पर मानदंड बदलने का अधिकार नहीं है और उसे मूल रूप से घोषित मानदंडों का पालन करना चाहिए। इस निर्णय में प्रक्रिया की स्थिरता को सार्वजनिक सेवा भर्ती की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आवश्यक माना गया है।
इस आदेश के बाद एचपीएससी को निर्धारित तिथि पर इंटरव्यू को मूल मानदंडों के अनुसार आयोजित करना होगा, जिससे सभी उम्मीदवार समान आधार पर मूल्यांकनित हों। यह फैसला भविष्य में राज्य भर में होने वाली भर्ती प्रक्रियाओं के लिए एक मिसाल स्थापित करेगा।