📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Muhammad Mahdi Karim/ Augustus Binu
अपराध
तीन को 15 साल पुरानी बेंगलुरु पुलिस अधिकारी की हत्या के मामले में बरी
✍️ The Indian Express
🗓 21 जुल. 2026, 11:49 AM
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कर्नाटक उच्च न्यायालय ने 15 साल पहले हुई बेंगलुरु पुलिस अधिकारी की हत्या के मामले में तीनों पर लगे आरोपों को साक्ष्य की कमी के कारण खारिज कर दिया।
2009 में बेंगलुरु पुलिस अधिकारी की हत्या के बाद तीन संदिग्धों को गिरफ्तार कर हत्या के आरोप में पेश किया गया, जो वर्षों तक लंबित रहा। इस मामले में फोरेंसिक सबूत, गवाहों के बयान और अलिबी दावों की विस्तृत जाँच की गई।
कर्नाटक उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एस. आर. प्राकाश ने निर्णय में कहा कि "संदेह साक्ष्य का विकल्प नहीं हो सकता," और यह रेखांकित किया कि बिना ठोस साक्ष्य के दोषसिद्धि संभव नहीं है। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष ने आरोपी और अपराध स्थल के बीच स्पष्ट संबंध स्थापित नहीं किया।
इस फैसले ने ठंडे मामलों की जांच में चुनौतियों और साक्ष्य संग्रह की कठोरता पर प्रकाश डाला है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय राज्य के अन्य लंबित मामलों की समीक्षा को प्रेरित कर सकता है।
कर्नाटक उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एस. आर. प्राकाश ने निर्णय में कहा कि "संदेह साक्ष्य का विकल्प नहीं हो सकता," और यह रेखांकित किया कि बिना ठोस साक्ष्य के दोषसिद्धि संभव नहीं है। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष ने आरोपी और अपराध स्थल के बीच स्पष्ट संबंध स्थापित नहीं किया।
इस फैसले ने ठंडे मामलों की जांच में चुनौतियों और साक्ष्य संग्रह की कठोरता पर प्रकाश डाला है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय राज्य के अन्य लंबित मामलों की समीक्षा को प्रेरित कर सकता है।