📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Government of Odisha
राजनीति
ओडिशा के प्रस्तावित खनन विधेयक पर विवाद तेज
✍️ Kanak News Odisha
🗓 22 अग. 2026, 04:03 PM
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ओडिशा में पेश किया गया खनन विधेयक विरोध का कारण बन गया है, जिससे विपक्षी नेताओं और स्थानीय समूहों की आलोचना तेज़ हुई है।
ओडिशा सरकार ने एक मसौदा खनन विधेयक पेश किया है, जो अब तीव्र राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। विधायकों और कार्यकर्ताओं ने सार्वजनिक मंचों पर अपनी तीव्र आपत्तियाँ व्यक्त की हैं, जिससे यह प्रस्ताव विवाद का बिंदु बन गया है।
विपक्षी दल और नागरिक समाज संगठनों ने चेतावनी दी है कि यह विधेयक पर्यावरणीय सुरक्षा को कमजोर कर सकता है और वन व खनिज संसाधनों पर निर्भर समुदायों की आजीविका को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने अनियंत्रित दोहन और अपर्याप्त मुआवजा तंत्र के जोखिमों पर प्रकाश डाला है।
मसौदा वर्तमान में ओडिशा विधानसभा में चर्चा के अधीन है, जहाँ सदस्यों से संशोधन या पारित होने में देरी की संभावनाओं पर विचार करने को कहा गया है। सरकार के प्रतिनिधियों का कहना है कि यह विधेयक निवेश आकर्षित करने और राज्य की आर्थिक वृद्धि को प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक है।
दोनों पक्षों के हितधारकों ने एक पारदर्शी समीक्षा प्रक्रिया की मांग की है, जिससे अंतिम निर्णय से पहले उठाए गए चिंताओं को संबोधित किया जा सके।
विपक्षी दल और नागरिक समाज संगठनों ने चेतावनी दी है कि यह विधेयक पर्यावरणीय सुरक्षा को कमजोर कर सकता है और वन व खनिज संसाधनों पर निर्भर समुदायों की आजीविका को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने अनियंत्रित दोहन और अपर्याप्त मुआवजा तंत्र के जोखिमों पर प्रकाश डाला है।
मसौदा वर्तमान में ओडिशा विधानसभा में चर्चा के अधीन है, जहाँ सदस्यों से संशोधन या पारित होने में देरी की संभावनाओं पर विचार करने को कहा गया है। सरकार के प्रतिनिधियों का कहना है कि यह विधेयक निवेश आकर्षित करने और राज्य की आर्थिक वृद्धि को प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक है।
दोनों पक्षों के हितधारकों ने एक पारदर्शी समीक्षा प्रक्रिया की मांग की है, जिससे अंतिम निर्णय से पहले उठाए गए चिंताओं को संबोधित किया जा सके।