📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / 池田正樹 (talk)masaki ikeda
खेल
डोटासरा ने आरसीए चुनाव में भाजपा के चतुर्वेदी को दखल देने का आरोप लगाया
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 30 सित. 2026, 08:15 PM
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कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा नेता अरुण चतुर्वेदी पर राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन चुनाव में दखल देने का आरोप लगाया, जिससे चतुर्वेदी ने तीखा जवाब दिया।
जयपुर, राजस्थान – राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) के आगामी चुनाव को लेकर विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सार्वजनिक रूप से भाजपा नेता अरुण चतुर्वेदी पर मतदान प्रक्रिया में दखल देने का आरोप लगाया। डोटासरा ने कहा कि चतुर्वेदी और उनके समर्थक उम्मीदवारों को प्रभावित कर अपने पक्ष में परिणाम लाने की कोशिश कर रहे हैं।
चतुर्वेदी ने तुरंत जवाब देते हुए इन आरोपों को निराधार कहा और डोटासरा से कहा कि ऐसे आरोप लगाने से पहले इतिहास पढ़ लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरसीए चुनाव बीसीसीआई के नियमों के तहत हो रहा है और किसी भी प्रकार की दखलंदाजी को तुरंत रोकने के लिए उचित कार्रवाई की जाएगी।
दोनों नेताओं ने इस बात पर प्रकाश डाला कि राज्य में खेल प्रशासन के चुनावों में अक्सर राजनीतिक प्रभाव रहता है, जिससे संसाधनों और क्रिकेट विकास परियोजनाओं के वितरण पर असर पड़ सकता है। अभी तक आरसीए ने इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है और चुनाव की समय-सारणी में कोई बदलाव नहीं आया है।
बीसीसीआई के चुनाव अधिकारियों को प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। राज्य खेल मंत्रालय के पर्यवेक्षक भी मतदान के दौरान उपस्थित रहेंगे ताकि किसी भी प्रकार की अनुचित हस्तक्षेप को रोका जा सके।
यह विवाद भारत में राजनीति और खेल प्रशासन के बढ़ते आपसी संबंध को उजागर करता है, जहाँ क्षेत्रीय खेल संगठनों की नेतृत्व में अक्सर पार्टी संबद्धता का प्रभाव देखा जाता है।
चतुर्वेदी ने तुरंत जवाब देते हुए इन आरोपों को निराधार कहा और डोटासरा से कहा कि ऐसे आरोप लगाने से पहले इतिहास पढ़ लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरसीए चुनाव बीसीसीआई के नियमों के तहत हो रहा है और किसी भी प्रकार की दखलंदाजी को तुरंत रोकने के लिए उचित कार्रवाई की जाएगी।
दोनों नेताओं ने इस बात पर प्रकाश डाला कि राज्य में खेल प्रशासन के चुनावों में अक्सर राजनीतिक प्रभाव रहता है, जिससे संसाधनों और क्रिकेट विकास परियोजनाओं के वितरण पर असर पड़ सकता है। अभी तक आरसीए ने इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है और चुनाव की समय-सारणी में कोई बदलाव नहीं आया है।
बीसीसीआई के चुनाव अधिकारियों को प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। राज्य खेल मंत्रालय के पर्यवेक्षक भी मतदान के दौरान उपस्थित रहेंगे ताकि किसी भी प्रकार की अनुचित हस्तक्षेप को रोका जा सके।
यह विवाद भारत में राजनीति और खेल प्रशासन के बढ़ते आपसी संबंध को उजागर करता है, जहाँ क्षेत्रीय खेल संगठनों की नेतृत्व में अक्सर पार्टी संबद्धता का प्रभाव देखा जाता है।