📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Coal
बिज़नेस
कोयला इंडिया और हिंदुस्तान उर्जा ने झारखंड में सिंगैस यूरेया उत्पादन की योजना बनाई
✍️ Rediff MoneyWiz
🗓 30 सित. 2026, 11:47 AM
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कोयला इंडिया लिमिटेड (CIL) और हिंदुस्तान उर्जा लिमिटेड (HURL) ने झारखंड में सिंगैस‑आधारित यूरेया प्लांट की संभावनाओं की जांच शुरू करने की घोषणा की।
कोयला इंडिया लिमिटेड (CIL) और हिंदुस्तान उर्जा लिमिटेड (HURL) ने झारखंड में सिंगैस (सिंथेसिस गैस) को कच्चे माल के रूप में उपयोग करने वाले यूरेया प्लांट की व्यवहार्यता का संयुक्त रूप से अध्ययन करने का निर्णय लिया है। दोनों सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां तकनीकी चयन, पूंजी निवेश और पर्यावरणीय मंजूरी सहित विस्तृत फिज़िबिलिटी रिपोर्ट तैयार करेंगी।
इस योजना का उद्देश्य कोयले से प्राप्त सिंगैस को अमोनिया में बदलकर फिर यूरेया में परिवर्तित करना है, जिससे उत्पादन लागत घटेगी और आयातित प्राकृतिक गैस पर निर्भरता कम होगी।
यदि अध्ययन सकारात्मक परिणाम देता है, तो CIL और HURL अगले वर्ष विस्तृत इंजीनियरिंग चरण में प्रवेश करने और 2020 के मध्य तक प्लांट को चालू करने की उम्मीद कर रहे हैं। यह परियोजना सरकार की घरेलू उर्वरक उत्पादन को बढ़ावा देने और कोयले के मूल्यवर्धित उपयोग को प्रोत्साहित करने की नीति के अनुरूप है।
स्थानीय स्तर पर इस परियोजना से रोजगार सृजन और कृषि क्षेत्र को सस्ती यूरेया की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करने की संभावना देखी जा रही है।
इस योजना का उद्देश्य कोयले से प्राप्त सिंगैस को अमोनिया में बदलकर फिर यूरेया में परिवर्तित करना है, जिससे उत्पादन लागत घटेगी और आयातित प्राकृतिक गैस पर निर्भरता कम होगी।
यदि अध्ययन सकारात्मक परिणाम देता है, तो CIL और HURL अगले वर्ष विस्तृत इंजीनियरिंग चरण में प्रवेश करने और 2020 के मध्य तक प्लांट को चालू करने की उम्मीद कर रहे हैं। यह परियोजना सरकार की घरेलू उर्वरक उत्पादन को बढ़ावा देने और कोयले के मूल्यवर्धित उपयोग को प्रोत्साहित करने की नीति के अनुरूप है।
स्थानीय स्तर पर इस परियोजना से रोजगार सृजन और कृषि क्षेत्र को सस्ती यूरेया की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करने की संभावना देखी जा रही है।