📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
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CM सम्राट चौधरी ने बिहार में दो दिवसीय हिंदी साहित्य समागम की घोषणा
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 14 सित. 2026, 06:01 PM
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हिंदी दिवस पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दो दिवसीय हिंदी साहित्य समागम की घोषणा की, जिसमें राज्य के साहित्यकार भाग लेंगे।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हिंदी दिवस के अवसर पर राज्यवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि हिंदी बिहार की पहचान, संस्कृति और समृद्ध साहित्यिक परंपरा का अभिन्न भाग है। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि बिहार में दो दिवसीय हिंदी साहित्य समागम का आयोजन किया जाएगा, जो इस वर्ष के बाद में आयोजित होगा। यह समागम राज्य के स्थापित और उभरते लेखकों, कवियों और विद्वानों को एक मंच प्रदान करेगा, जहाँ वे समकालीन साहित्यिक प्रवृत्तियों पर चर्चा करेंगे और युवा पीढ़ी में हिंदी के प्रचार‑प्रसार को बढ़ावा देंगे।
समागम में पैनल चर्चा, साहित्यिक पठन‑सत्र और कार्यशालाएँ शामिल होंगी, जिनमें बिहार और अन्य हिंदी‑भाषी क्षेत्रों के प्रमुख साहित्यकार भाग लेंगे। आयोजकों ने कहा है कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य बिहार की समृद्ध साहित्यिक धरोहर को संरक्षित करना और नई रचनाओं को प्रोत्साहित करना है।
हिंदी दिवस पर इस समागम की घोषणा करके मुख्यमंत्री ने भाषा और उसकी सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों को सुदृढ़ करने की सरकार की प्रतिबद्धता को स्पष्ट किया है। यह पहल राज्य में शिक्षा और सार्वजनिक जीवन में हिंदी की भूमिका को मजबूत करने के व्यापक प्रयासों के अनुरूप है।
समागम में पैनल चर्चा, साहित्यिक पठन‑सत्र और कार्यशालाएँ शामिल होंगी, जिनमें बिहार और अन्य हिंदी‑भाषी क्षेत्रों के प्रमुख साहित्यकार भाग लेंगे। आयोजकों ने कहा है कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य बिहार की समृद्ध साहित्यिक धरोहर को संरक्षित करना और नई रचनाओं को प्रोत्साहित करना है।
हिंदी दिवस पर इस समागम की घोषणा करके मुख्यमंत्री ने भाषा और उसकी सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों को सुदृढ़ करने की सरकार की प्रतिबद्धता को स्पष्ट किया है। यह पहल राज्य में शिक्षा और सार्वजनिक जीवन में हिंदी की भूमिका को मजबूत करने के व्यापक प्रयासों के अनुरूप है।