📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
टेक्नोलॉजी
छत्तीसगढ़ ने दो पीएम गति शक्ति समझौते करके जियोस्पेशियल व लॉजिस्टिक्स योजना को तेज किया
✍️ The Economic Times
🗓 22 अग. 2026, 09:16 AM
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छत्तीसगढ़ सरकार ने पीएम गति शक्ति योजना के तहत दो समझौते करके जियोस्पेशियल डेटा और लॉजिस्टिक्स समन्वय को सुदृढ़ किया।
छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री गति शक्ति पहल के तहत दो नए समझौते औपचारिक रूप से किए हैं, जिसका उद्देश्य उन्नत जियोस्पेशियल तकनीकों को राज्य की लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के साथ जोड़ना है। यह समझौते केंद्रीय बुनियादी ढांचा मंत्रालय और राज्य नियोजन विभाग के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की उपस्थिति में हस्ताक्षरित हुए।
पहला समझौता एक व्यापक जियोस्पेशियल डेटा प्लेटफ़ॉर्म बनाने पर केंद्रित है, जो सड़कों, रेलवे, जलमार्ग और औद्योगिक क्षेत्रों का रीयल‑टाइम मानचित्रण करेगा। उपग्रह इमेजरी और जीआईएस टूल्स के उपयोग से मार्ग अनुकूलन, आपदा प्रतिक्रिया और भूमि‑उपयोग योजना में सुधार की उम्मीद है।
दूसरा समझौता लॉजिस्टिक्स संचालन को सुव्यवस्थित करने पर है, जिसमें माल ढुलाई गलियों को मौजूदा मल्टीमॉडल हब्स से जोड़ना और निर्माताओं व किसानों के लिए अंतिम मील कनेक्टिविटी को मजबूत करना शामिल है। राष्ट्रीय गति शक्ति ढांचे के साथ समन्वय से परिवहन समय घटेगा और लागत में कमी आएगी।
अधिकारी मानते हैं कि इन दो समझौतों का सम्मिलित प्रभाव अगले दो वर्षों में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को तेज करेगा, निवेश को आकर्षित करेगा और राज्य के आपूर्ति श्रृंखला को अधिक लचीला बनाएगा। प्रगति की निगरानी के लिए एक संयुक्त स्टियेरिंग कमेटी गठित की जाएगी, जो केंद्रीय और राज्य दोनों मंत्रालयों को रिपोर्ट करेगी।
विस्तृत कार्यान्वयन शेड्यूल अभी तैयार हो रहा है, पर यह पहल छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर स्मार्ट, डेटा‑आधारित बुनियादी ढांचा विकास के साथ संरेखित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पहला समझौता एक व्यापक जियोस्पेशियल डेटा प्लेटफ़ॉर्म बनाने पर केंद्रित है, जो सड़कों, रेलवे, जलमार्ग और औद्योगिक क्षेत्रों का रीयल‑टाइम मानचित्रण करेगा। उपग्रह इमेजरी और जीआईएस टूल्स के उपयोग से मार्ग अनुकूलन, आपदा प्रतिक्रिया और भूमि‑उपयोग योजना में सुधार की उम्मीद है।
दूसरा समझौता लॉजिस्टिक्स संचालन को सुव्यवस्थित करने पर है, जिसमें माल ढुलाई गलियों को मौजूदा मल्टीमॉडल हब्स से जोड़ना और निर्माताओं व किसानों के लिए अंतिम मील कनेक्टिविटी को मजबूत करना शामिल है। राष्ट्रीय गति शक्ति ढांचे के साथ समन्वय से परिवहन समय घटेगा और लागत में कमी आएगी।
अधिकारी मानते हैं कि इन दो समझौतों का सम्मिलित प्रभाव अगले दो वर्षों में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को तेज करेगा, निवेश को आकर्षित करेगा और राज्य के आपूर्ति श्रृंखला को अधिक लचीला बनाएगा। प्रगति की निगरानी के लिए एक संयुक्त स्टियेरिंग कमेटी गठित की जाएगी, जो केंद्रीय और राज्य दोनों मंत्रालयों को रिपोर्ट करेगी।
विस्तृत कार्यान्वयन शेड्यूल अभी तैयार हो रहा है, पर यह पहल छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर स्मार्ट, डेटा‑आधारित बुनियादी ढांचा विकास के साथ संरेखित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।