📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ashish.prajapati90
स्वास्थ्य
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने डॉक्टरों की 36 महीने अध्ययन अवकाश बढ़ाने की याचिका खारिज की
✍️ Medical Dialogues
🗓 04 अक्टू. 2026, 10:16 AM
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छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने डॉक्टरों द्वारा 24 महीने से 36 महीने तक अध्ययन अवकाश बढ़ाने की मांग को खारिज कर दिया।
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने डॉक्टरों द्वारा 24 महीने से 36 महीने तक अध्ययन अवकाश बढ़ाने की याचिका को खारिज कर दिया। डॉक्टरों का कहना था कि उन्नत प्रशिक्षण और विशेषज्ञता को पूरा करने के लिए अतिरिक्त एक साल आवश्यक है।
कोर्ट ने सरकारी मेडिकल अधिकारियों के अध्ययन अवकाश को नियंत्रित करने वाले नियमों की समीक्षा की और पाया कि अतिरिक्त बारह महीने देने का कोई कानूनी आधार नहीं है। उसने कहा कि वर्तमान व्यवस्था पेशेवर विकास और सार्वजनिक अस्पतालों में स्टाफ की आवश्यकता के बीच संतुलन बनाती है।
इस निर्णय के बाद डॉक्टरों को दो साल के अधिकतम अध्ययन अवकाश की ही सीमा में रहना पड़ेगा। यह फैसला चिकित्सा समुदाय को नीति संशोधन या विधायी पहल के माध्यम से प्रशिक्षण अवधि को बढ़ाने के अन्य उपायों की तलाश करने के लिए प्रेरित कर सकता है।
निर्णय बिलासपुर में स्थित छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में दिया गया, और अभी तक किसी अपील का संकेत नहीं मिला है।
कोर्ट ने सरकारी मेडिकल अधिकारियों के अध्ययन अवकाश को नियंत्रित करने वाले नियमों की समीक्षा की और पाया कि अतिरिक्त बारह महीने देने का कोई कानूनी आधार नहीं है। उसने कहा कि वर्तमान व्यवस्था पेशेवर विकास और सार्वजनिक अस्पतालों में स्टाफ की आवश्यकता के बीच संतुलन बनाती है।
इस निर्णय के बाद डॉक्टरों को दो साल के अधिकतम अध्ययन अवकाश की ही सीमा में रहना पड़ेगा। यह फैसला चिकित्सा समुदाय को नीति संशोधन या विधायी पहल के माध्यम से प्रशिक्षण अवधि को बढ़ाने के अन्य उपायों की तलाश करने के लिए प्रेरित कर सकता है।
निर्णय बिलासपुर में स्थित छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में दिया गया, और अभी तक किसी अपील का संकेत नहीं मिला है।