📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Amiyashrivastava (talk) (Uploads)
नौकरी
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने कहा, अनुशासनहीन प्रदर्शन पर प्रोबेशनर को बिना पूछताछ के निकाल सकते हैं
✍️ Live Law
🗓 18 अक्टू. 2026, 02:32 PM
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छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने कहा कि अनुशासनहीन प्रदर्शन के कारण प्रोबेशनर को बिना औपचारिक पूछताछ के नौकरी से निकालना नियोक्ता के अधिकार में है।
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा कि प्रोबेशन पर रहने वाले कर्मचारी को केवल असंतोषजनक प्रदर्शन के आधार पर बिना औपचारिक पूछताछ के निकालना कानूनी है। कोर्ट ने कहा कि सेवा नियम नियोक्ताओं को प्रोबेशन अवधि में प्रदर्शन का मूल्यांकन करने और मानक न मिलने पर तुरंत कार्रवाई करने की शक्ति देते हैं।
इस निर्णय से स्पष्ट होता है कि नियमित कर्मचारियों पर लागू प्रक्रियात्मक सुरक्षा प्रोबेशनर पर स्वतः नहीं लागू होती, क्योंकि प्रोबेशन को परीक्षण अवधि माना जाता है। इसलिए, नियोक्ता को निकालने के लिए दस्तावेज़ित प्रदर्शन मूल्यांकन पर निर्भर होना चाहिए।
वकीलों ने कहा कि यह रुख प्रबंधन की स्वतंत्रता को आसान बनाता है, पर साथ ही संगठनों पर स्पष्ट प्रदर्शन मानदंड और रिकॉर्ड रखने का दायित्व भी बढ़ाता है। यह फैसला राज्य के सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के मानव संसाधन नीतियों को प्रभावित करने की संभावना रखता है।
इस निर्णय से स्पष्ट होता है कि नियमित कर्मचारियों पर लागू प्रक्रियात्मक सुरक्षा प्रोबेशनर पर स्वतः नहीं लागू होती, क्योंकि प्रोबेशन को परीक्षण अवधि माना जाता है। इसलिए, नियोक्ता को निकालने के लिए दस्तावेज़ित प्रदर्शन मूल्यांकन पर निर्भर होना चाहिए।
वकीलों ने कहा कि यह रुख प्रबंधन की स्वतंत्रता को आसान बनाता है, पर साथ ही संगठनों पर स्पष्ट प्रदर्शन मानदंड और रिकॉर्ड रखने का दायित्व भी बढ़ाता है। यह फैसला राज्य के सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के मानव संसाधन नीतियों को प्रभावित करने की संभावना रखता है।