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04 नव. 2026•
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छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने शरिया ट्राइब्यूनल के तलाक आदेश को रद्द किया, कहा निजी निकाय अदालत नहीं
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ashish.prajapati90
धर्म

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने शरिया ट्राइब्यूनल के तलाक आदेश को रद्द किया, कहा निजी निकाय अदालत नहीं

✍️ News18 🗓 09 सित. 2026, 07:17 PM 👁 64
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छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने शरिया ट्राइब्यूनल द्वारा जारी तलाक आदेश को रद्द कर दिया, यह कहा कि निजी धार्मिक निकाय अदालत की भूमिका नहीं निभा सकते।

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने शरिया ट्राइब्यूनल द्वारा जारी तलाक आदेश को रद्द कर दिया, यह कहा कि ऐसे निजी धार्मिक निकाय अदालत की शक्ति नहीं रखते। कोर्ट ने कहा कि संविधान में न्यायिक अधिकार केवल स्थापित न्यायालयों को ही दिया गया है, और कोई भी निजी संस्था न्यायिक दर्जा नहीं ले सकती। इस आदेश को चुनौती देते हुए याचिकाकर्ता ने कहा कि यह प्रक्रिया संबंधी सुरक्षा और पक्षों के अधिकारों का उल्लंघन करता है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत कानून समुदाय की प्रथा को मार्गदर्शन कर सकते हैं, पर वे औपचारिक न्यायिक प्रणाली की जगह नहीं ले सकते। यह निर्णय भारत में धार्मिक विवाद निपटारे को सामान्य न्यायिक प्रणाली से अलग रखने की पुष्टि करता है।
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