Education
छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय की बढ़ी वैश्विक पहचान, 23 देशों के 253 विद्यार्थियों ने किया प्रवेश के लिए आवेदन
Watch on:
▶️ YouTube
छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ स्थित इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में भारतीय शास्त्रीय संगीत, नृत्य और पारंपरिक कला सीखने के लिए विदेशी विद्यार्थियों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अब तक 23 देशों के 253 विद्यार्थियों ने प्रवेश के लिए आवेदन किया है। इनमें बांग्लादेश के 187 विद्यार्थी शामिल हैं। विश्वविद्यालय में विदेशी विद्यार्थियों के लिए संगीत, नृत्य और कला से जुड़े विभिन्न पाठ्यक्रमों की पढ़ाई की व्यवस्था है।
8 अगस्त 2026
रिपोर्ट: पंकज साहू
सिटीजन रिपोर्टर | Need24 News
अंबिकापुर, सरगुजा (छत्तीसगढ़)
खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ स्थित इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय की पहचान अब देश की सीमाओं से आगे वैश्विक स्तर पर मजबूत होती दिखाई दे रही है। भारतीय शास्त्रीय संगीत, लोकसंगीत, नृत्य और पारंपरिक कला विधाओं की शिक्षा लेने के लिए विदेशों से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए आवेदन किया है।
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अब तक 23 देशों के 253 विदेशी विद्यार्थियों ने प्रवेश के लिए आवेदन किया है। इनमें सबसे अधिक आवेदन बांग्लादेश से प्राप्त हुए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार बांग्लादेश के 187 विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए आवेदन किया है।
विश्वविद्यालय में विदेशी विद्यार्थियों की रुचि का प्रमुख कारण भारतीय कला और संस्कृति से जुड़ी पारंपरिक शिक्षा मानी जा रही है। यहां भारतीय शास्त्रीय संगीत के साथ-साथ लोकसंगीत, ललित कला, पेंटिंग, ग्राफिक्स, थियेटर, कथक और भरतनाट्यम जैसी विधाओं का अध्ययन कराया जाता है।
विदेशी विद्यार्थियों के लिए विश्वविद्यालय में विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। अंतरराष्ट्रीय छात्रावास सहित पढ़ाई और रहने से संबंधित व्यवस्थाएं की गई हैं, जिससे दूसरे देशों से आने वाले विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार विदेशी विद्यार्थियों के आवेदन की प्रक्रिया अभी जारी है। आवेदन की अंतिम तिथि 14 अगस्त निर्धारित बताई गई है। ऐसे में विदेशी विद्यार्थियों की संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है।
भारतीय कला और संस्कृति के प्रति बढ़ती अंतरराष्ट्रीय रुचि के बीच खैरागढ़ का यह विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ के लिए भी एक महत्वपूर्ण वैश्विक शैक्षणिक केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।
— Need24 News Desk
रिपोर्ट: पंकज साहू
सिटीजन रिपोर्टर | Need24 News
अंबिकापुर, सरगुजा (छत्तीसगढ़)
खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ स्थित इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय की पहचान अब देश की सीमाओं से आगे वैश्विक स्तर पर मजबूत होती दिखाई दे रही है। भारतीय शास्त्रीय संगीत, लोकसंगीत, नृत्य और पारंपरिक कला विधाओं की शिक्षा लेने के लिए विदेशों से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए आवेदन किया है।
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अब तक 23 देशों के 253 विदेशी विद्यार्थियों ने प्रवेश के लिए आवेदन किया है। इनमें सबसे अधिक आवेदन बांग्लादेश से प्राप्त हुए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार बांग्लादेश के 187 विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए आवेदन किया है।
विश्वविद्यालय में विदेशी विद्यार्थियों की रुचि का प्रमुख कारण भारतीय कला और संस्कृति से जुड़ी पारंपरिक शिक्षा मानी जा रही है। यहां भारतीय शास्त्रीय संगीत के साथ-साथ लोकसंगीत, ललित कला, पेंटिंग, ग्राफिक्स, थियेटर, कथक और भरतनाट्यम जैसी विधाओं का अध्ययन कराया जाता है।
विदेशी विद्यार्थियों के लिए विश्वविद्यालय में विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। अंतरराष्ट्रीय छात्रावास सहित पढ़ाई और रहने से संबंधित व्यवस्थाएं की गई हैं, जिससे दूसरे देशों से आने वाले विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार विदेशी विद्यार्थियों के आवेदन की प्रक्रिया अभी जारी है। आवेदन की अंतिम तिथि 14 अगस्त निर्धारित बताई गई है। ऐसे में विदेशी विद्यार्थियों की संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है।
भारतीय कला और संस्कृति के प्रति बढ़ती अंतरराष्ट्रीय रुचि के बीच खैरागढ़ का यह विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ के लिए भी एक महत्वपूर्ण वैश्विक शैक्षणिक केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।
— Need24 News Desk