📷 चित्र स्रोत: The Hindu (via NewsData)
देश
2027 जनगणना के दूसरे चरण में जाति रिकॉर्डिंग में 13 नए डेटा फ़ील्ड शामिल
✍️ The Hindu
🗓 19 अग. 2026, 10:39 AM
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रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त ने 2027 की जनगणना के दूसरे चरण के 40 प्रश्नों में 13 नए जाति‑संबंधी डेटा फ़ील्ड जोड़े हैं, जो 2011 के प्रश्नावली से अलग है।
भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त (RG&CCI) ने 2027 की जनगणना के दूसरे चरण के लिये 40 प्रश्नों का सेट जारी किया है। इन प्रश्नों में 13 नए डेटा फ़ील्ड विशेष रूप से जाति से संबंधित हैं, जो 2011 की जनगणना प्रश्नावली में नहीं थे।
इन अतिरिक्त फ़ील्डों का उद्देश्य भारत की सामाजिक संरचना का अधिक विस्तृत चित्र प्रस्तुत करना है, जिससे नीति निर्माताओं को लक्षित कल्याण योजनाएँ बनाने में सहायता मिलेगी। यह बदलाव जाति डेटा के उपयोग पर चल रही बहसों को दर्शाता है।
संशोधित प्रश्नावली पूरे देश में लागू की जाएगी, और सर्वेक्षक को नए जाति मानकों को सटीक रूप से दर्ज करने के लिये प्रशिक्षित किया जाएगा। RG&CCI ने कहा है कि एकत्रित डेटा को गुमनाम रखा जाएगा और केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिये उपयोग किया जाएगा।
शैक्षणिक शोधकर्ता और नागरिक समाज समूह इस कदम का स्वागत कर रहे हैं, क्योंकि समृद्ध जाति डेटा सामाजिक‑आर्थिक विश्लेषण की सटीकता को बढ़ा सकता है। फील्ड कार्य समाप्त होने के बाद अंतिम परिणाम प्रकाशित किए जाएंगे।
जनगणना 2027, जो इन विस्तारित जाति मानकों को पहली बार शामिल कर रही है, भारत में जनसांख्यिकीय डेटा संग्रह के लिये एक नया मानक स्थापित करने का लक्ष्य रखती है।
इन अतिरिक्त फ़ील्डों का उद्देश्य भारत की सामाजिक संरचना का अधिक विस्तृत चित्र प्रस्तुत करना है, जिससे नीति निर्माताओं को लक्षित कल्याण योजनाएँ बनाने में सहायता मिलेगी। यह बदलाव जाति डेटा के उपयोग पर चल रही बहसों को दर्शाता है।
संशोधित प्रश्नावली पूरे देश में लागू की जाएगी, और सर्वेक्षक को नए जाति मानकों को सटीक रूप से दर्ज करने के लिये प्रशिक्षित किया जाएगा। RG&CCI ने कहा है कि एकत्रित डेटा को गुमनाम रखा जाएगा और केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिये उपयोग किया जाएगा।
शैक्षणिक शोधकर्ता और नागरिक समाज समूह इस कदम का स्वागत कर रहे हैं, क्योंकि समृद्ध जाति डेटा सामाजिक‑आर्थिक विश्लेषण की सटीकता को बढ़ा सकता है। फील्ड कार्य समाप्त होने के बाद अंतिम परिणाम प्रकाशित किए जाएंगे।
जनगणना 2027, जो इन विस्तारित जाति मानकों को पहली बार शामिल कर रही है, भारत में जनसांख्यिकीय डेटा संग्रह के लिये एक नया मानक स्थापित करने का लक्ष्य रखती है।