Education
बड़वानी के केंद्रीय विद्यालय में 'सुरक्षित बचपन' अभियान के तहत विद्यार्थियों के लिए आयोजित जागरूकता शिविर
बड़वानी के केंद्रीय विद्यालय में बाल संरक्षण, पोक्सो अधिनियम और साइबर सुरक्षा के विषय में विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
बड़वानी, 03 नवंबर 2026: केंद्रीय विद्यालय, बड़वानी में 'सुरक्षित बचपन अभियान' के अंतर्गत विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा, बाल अधिकारों एवं बच्चों के संरक्षण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सचिव/जिला न्यायाधीश श्री कपिल वर्मा, सदस्य, किशोर न्याय बोर्ड सुश्री जया शर्मा एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी श्री रॉबिन दयाल की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न कानूनी प्रावधानों एवं उनकी उपयोगिता के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो अधिनियम) के बारे में बताते हुए बच्चों को लैंगिक शोषण से सुरक्षा, अच्छे एवं बुरे स्पर्श के प्रति जागरूकता तथा किसी भी अनुचित व्यवहार की स्थिति में बिना संकोच शिकायत करने के महत्व को समझाया गया। इसके अलावा, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम के अंतर्गत देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के अधिकारों, पुनर्वास तथा बाल संरक्षण व्यवस्था की जानकारी भी दी गई।
साइबर सुरक्षा के विषय में विद्यार्थियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर उत्पीड़न, सामाजिक माध्यमों के सुरक्षित उपयोग, व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता एवं इंटरनेट पर अनजान व्यक्तियों से सतर्क रहने के प्रति जागरूक किया गया। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को समझाया कि किसी भी असुरक्षित परिस्थिति या समस्या को छिपाने के बजाय अपने अभिभावकों, शिक्षकों अथवा संबंधित अधिकारियों से साझा करना आवश्यक है। उन्होंने बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए भी प्रेरित किया।
कार्यक्रम का समन्वयन विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक श्री जितेंद्र सिंह एवं वरिष्ठ शिक्षिका श्रीमती आभा जैन द्वारा किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएँ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। विद्यार्थियों के हित एवं उनके सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखते हुए आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य उनमें कानूनी जागरूकता, आत्मविश्वास एवं सुरक्षा संबंधी समझ विकसित करना था। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं भयमुक्त वातावरण में रहने और विकसित होने का अधिकार है। बच्चों का संरक्षण केवल कानून की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का सामूहिक दायित्व है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो अधिनियम) के बारे में बताते हुए बच्चों को लैंगिक शोषण से सुरक्षा, अच्छे एवं बुरे स्पर्श के प्रति जागरूकता तथा किसी भी अनुचित व्यवहार की स्थिति में बिना संकोच शिकायत करने के महत्व को समझाया गया। इसके अलावा, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम के अंतर्गत देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के अधिकारों, पुनर्वास तथा बाल संरक्षण व्यवस्था की जानकारी भी दी गई।
साइबर सुरक्षा के विषय में विद्यार्थियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर उत्पीड़न, सामाजिक माध्यमों के सुरक्षित उपयोग, व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता एवं इंटरनेट पर अनजान व्यक्तियों से सतर्क रहने के प्रति जागरूक किया गया। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को समझाया कि किसी भी असुरक्षित परिस्थिति या समस्या को छिपाने के बजाय अपने अभिभावकों, शिक्षकों अथवा संबंधित अधिकारियों से साझा करना आवश्यक है। उन्होंने बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए भी प्रेरित किया।
कार्यक्रम का समन्वयन विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक श्री जितेंद्र सिंह एवं वरिष्ठ शिक्षिका श्रीमती आभा जैन द्वारा किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएँ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। विद्यार्थियों के हित एवं उनके सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखते हुए आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य उनमें कानूनी जागरूकता, आत्मविश्वास एवं सुरक्षा संबंधी समझ विकसित करना था। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं भयमुक्त वातावरण में रहने और विकसित होने का अधिकार है। बच्चों का संरक्षण केवल कानून की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का सामूहिक दायित्व है।