📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Suyash Dwivedi
स्वास्थ्य
जबलपुर के सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने दिल‑जिगर दान कर अहमदाबाद में जीवन बचाया
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 03 नव. 2026, 04:45 PM
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जबलपुर में सड़क दुर्घटना में ब्रेन‑डेड सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने दिल‑जिगर दान किया, दो हरे मार्गों से अहमदाबाद भेजे गए।
जबलपुर में एक सड़क दुर्घटना में सॉफ्टवेयर इंजीनियर को अपरिवर्तनीय मस्तिष्क क्षति हुई, जिससे उसे ब्रेन‑डेड घोषित किया गया। चिकित्सकों ने तुरंत उसे अंग दाता के रूप में पहचान कर दिल और जिगर निकालने की प्रक्रिया शुरू की।
इन अंगों को दो नए बनाए गए हरे मार्गों (ग्रीन कॉरिडोर) के माध्यम से अहमदाबाद पहुँचाया गया। ये विशेष मार्ग राज्य सीमा पार में ट्रैफ़िक‑मुक्त तेज़ परिवहन सुनिश्चित करते हैं, जिससे अंगों का इस्केमिक समय घटता है और प्रत्यारोपण की सफलता दर बढ़ती है।
अहमदाबाद के अस्पतालों ने दिल और जिगर प्राप्त कर प्रत्यारोपण टीमों को तैयार किया, जो इन अंगों को इंतजार कर रहे रोगियों में स्थापित करेंगे। इस सफल समन्वय से राज्य‑स्तर पर अंग दान के प्रति जागरूकता और ग्रीन कॉरिडोर प्रणाली की प्रभावशीलता स्पष्ट होती है।
अधिकारियों ने कहा कि यह घटना भारत में अंग प्रत्यारोपण बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने और जीवन बचाने में तेज़ लॉजिस्टिक्स की महत्ता को रेखांकित करती है।
इन अंगों को दो नए बनाए गए हरे मार्गों (ग्रीन कॉरिडोर) के माध्यम से अहमदाबाद पहुँचाया गया। ये विशेष मार्ग राज्य सीमा पार में ट्रैफ़िक‑मुक्त तेज़ परिवहन सुनिश्चित करते हैं, जिससे अंगों का इस्केमिक समय घटता है और प्रत्यारोपण की सफलता दर बढ़ती है।
अहमदाबाद के अस्पतालों ने दिल और जिगर प्राप्त कर प्रत्यारोपण टीमों को तैयार किया, जो इन अंगों को इंतजार कर रहे रोगियों में स्थापित करेंगे। इस सफल समन्वय से राज्य‑स्तर पर अंग दान के प्रति जागरूकता और ग्रीन कॉरिडोर प्रणाली की प्रभावशीलता स्पष्ट होती है।
अधिकारियों ने कहा कि यह घटना भारत में अंग प्रत्यारोपण बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने और जीवन बचाने में तेज़ लॉजिस्टिक्स की महत्ता को रेखांकित करती है।