📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Stalinjeet Brar
अपराध
फाज़िल्का के स्कूलों को ई‑मेल बम धमकी, पुलिस ने खोली जांच
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 18 सित. 2026, 01:45 PM
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फाज़िल्का के कई स्कूलों को शुक्रवार सुबह बम धमकी वाला ई‑मेल मिला, जिससे पुलिस ने जांच शुरू की।
पंजाब के फाज़िल्का जिले में पुलिस ने बताया कि शुक्रवार सुबह कई स्कूलों को बम धमकी वाला ई‑मेल मिला, जिसमें बताया गया कि यदि कुछ शर्तें पूरी नहीं हुईं तो स्कूल में बम फूट जाएगा। यह संदेश इलेक्ट्रॉनिक रूप से भेजा गया था और इसे गंभीर आपराधिक खतरे के रूप में दर्ज किया गया है। पुलिस ने स्रोत का पता लगाने और छात्रों व स्टाफ की तत्काल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए औपचारिक जांच शुरू कर दी है।
जिला पुलिस ने स्कूल प्रशासन को सुरक्षा उपाय बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, जिसमें निगरानी बढ़ाना और किसी भी संदिग्ध पैकेज की जाँच शामिल है। अभिभावकों को इस खतरे के बारे में सूचित किया गया है और स्कूल सुरक्षा ड्रिल कर रहे हैं तथा पुलिस के सहयोग से कार्य कर रहे हैं। अब तक कोई विस्फोटक पदार्थ नहीं मिला है और कोई चोट भी नहीं लगी है।
जांचकर्ता ई‑मेल के हेडर और डिजिटल फिंगरप्रिंट की जांच कर रहे हैं ताकि प्रेषक की पहचान की जा सके। यह मामला भारतीय दंड संहिता के सार्वजनिक सुरक्षा और आतंकवाद संबंधी प्रावधानों के तहत आता है। पुलिस ने किसी भी अतिरिक्त जानकारी के लिए लोगों से सहयोग मांगा है, यह कहा कि संभावित हमले को रोकने में समुदाय का सहयोग आवश्यक है।
यह घटना देश भर में स्कूल सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं को उजागर करती है और शैक्षणिक संस्थानों में कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल की मांग को और तेज़ करती है। जबकि इस धमकी के पीछे का उद्देश्य अभी स्पष्ट नहीं है, अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि स्कूलों की सुरक्षा और सामान्य शैक्षणिक कार्यों को बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
जिला पुलिस ने स्कूल प्रशासन को सुरक्षा उपाय बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, जिसमें निगरानी बढ़ाना और किसी भी संदिग्ध पैकेज की जाँच शामिल है। अभिभावकों को इस खतरे के बारे में सूचित किया गया है और स्कूल सुरक्षा ड्रिल कर रहे हैं तथा पुलिस के सहयोग से कार्य कर रहे हैं। अब तक कोई विस्फोटक पदार्थ नहीं मिला है और कोई चोट भी नहीं लगी है।
जांचकर्ता ई‑मेल के हेडर और डिजिटल फिंगरप्रिंट की जांच कर रहे हैं ताकि प्रेषक की पहचान की जा सके। यह मामला भारतीय दंड संहिता के सार्वजनिक सुरक्षा और आतंकवाद संबंधी प्रावधानों के तहत आता है। पुलिस ने किसी भी अतिरिक्त जानकारी के लिए लोगों से सहयोग मांगा है, यह कहा कि संभावित हमले को रोकने में समुदाय का सहयोग आवश्यक है।
यह घटना देश भर में स्कूल सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं को उजागर करती है और शैक्षणिक संस्थानों में कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल की मांग को और तेज़ करती है। जबकि इस धमकी के पीछे का उद्देश्य अभी स्पष्ट नहीं है, अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि स्कूलों की सुरक्षा और सामान्य शैक्षणिक कार्यों को बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।