📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bharatiya Janata Party
राजनीति
1997‑2012 की जीत के बाद पंजाब में भाजपा‑सद गठबंधन की वापसी पर चर्चा
✍️ News18
🗓 22 अग. 2026, 09:15 AM
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1997‑2012 में पंजाब में लगातार जीत हासिल करने वाले भाजपा‑सद गठबंधन को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले फिर से गठित करने की संभावना पर विचार किया जा रहा है।
भाजपा और सत्श्री अकाली दल ने 1997 से 2012 तक लगातार तीन विधानसभा चुनाव जीते, जिससे पंजाब की राजनीति पर उनका गहरा असर रहा। इस गठबंधन ने हर बार बहुमत हासिल किया और राज्य के शासन को दिशा दी।
2012 के बाद यह गठबंधन टूट गया; सत्श्री अकाली दल ने अन्य क्षेत्रीय दलों के साथ गठजोड़ किया जबकि भाजपा ने अलग‑अलग रणनीतियों पर काम किया। इस विभाजन ने विपक्षी दलों को अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर दिया।
अब आगामी विधानसभा चुनावों के करीब आते हुए, राजनीतिक विश्लेषकों और पार्टी के भीतर के स्रोतों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या इस ऐतिहासिक गठबंधन को फिर से जोड़ा जा सकता है। अभी तक कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ है, पर चर्चा जारी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोबारा गठबंधन बनता है तो भाजपा के राष्ट्रीय नेटवर्क और सत्श्री अकाली दल की ग्रामीण जड़ें मिलकर कई प्रमुख क्षेत्रों में मतों की दिशा बदल सकती हैं, जिससे चुनावी समीकरण में बड़ा बदलाव आ सकता है।
2012 के बाद यह गठबंधन टूट गया; सत्श्री अकाली दल ने अन्य क्षेत्रीय दलों के साथ गठजोड़ किया जबकि भाजपा ने अलग‑अलग रणनीतियों पर काम किया। इस विभाजन ने विपक्षी दलों को अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर दिया।
अब आगामी विधानसभा चुनावों के करीब आते हुए, राजनीतिक विश्लेषकों और पार्टी के भीतर के स्रोतों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या इस ऐतिहासिक गठबंधन को फिर से जोड़ा जा सकता है। अभी तक कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ है, पर चर्चा जारी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोबारा गठबंधन बनता है तो भाजपा के राष्ट्रीय नेटवर्क और सत्श्री अकाली दल की ग्रामीण जड़ें मिलकर कई प्रमुख क्षेत्रों में मतों की दिशा बदल सकती हैं, जिससे चुनावी समीकरण में बड़ा बदलाव आ सकता है।