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20 सित. 2026
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बीजेपी के तटीय गढ़ में डीके शिवाकुमार ने मालगुड़ में तुलु भाषा को प्रमुख बनाया
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Information and Broadcasting
राजनीति

बीजेपी के तटीय गढ़ में डीके शिवाकुमार ने मालगुड़ में तुलु भाषा को प्रमुख बनाया

✍️ timesofindia.indiatimes.com 🗓 20 सित. 2026, 04:48 AM 👁 12
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कर्नाटक के मंत्री डीके शिवाकुमार ने मालगुड़ में बीजीपी रैली में तुलु भाषा को प्रमुखता दी, जिससे तटीय क्षेत्र में क्षेत्रीय पहचान पर ज़ोर दिखता है।

कर्नाटक के वरिष्ठ मंत्री डीके शिवाकुमार ने मालगुड़ में बड़े भीड़ के सामने भाषण दिया, जहाँ उन्होंने तटीय क्षेत्र के लिए बीजीपी के संदेश के केंद्र में तुलु भाषा को रखा। अरब सागर के किनारे स्थित इस पारंपरिक गढ़ में यह रैली क्षेत्र की सांस्कृतिक विशिष्टता को सम्मानित करने के वादे के रूप में प्रस्तुत की गई।
शिवाकुमार ने कहा कि तुलु भाषा क्षेत्रीय पहचान का अभिन्न हिस्सा है और इस भाषा को संरक्षित व प्रोत्साहित करने के लिए पार्टी पहल करेगी। उन्होंने इसे क्षेत्र के विकास योजनाओं से जोड़ा, जिससे मतदाताओं की अपेक्षाओं को पूरा करने का स्पष्ट कदम दिखाया गया।
स्थानीय तुलु‑भाषी समुदायों ने इस पहल का स्वागत किया, इसे अपनी भाषा के सम्मान के रूप में देखा। राजनीतिक विश्लेषकों ने बताया कि यह कदम आगामी राज्य चुनावों से पहले बीजीपी की पकड़ को मजबूत करने के लिये रणनीतिक रूप से चुना गया है, क्योंकि तटीय कर्नाटक में सांस्कृतिक गर्व का चुनावी परिणामों पर बड़ा असर है।
भाषा‑संबंधी मुद्दों पर पार्टी का फोकस राष्ट्रीय कथा को स्थानीय भावना के साथ जोड़ने की व्यापक रणनीति को दर्शाता है, जिसका लक्ष्य उन क्षेत्रों में समर्थन को स्थायी बनाना है जहाँ सांस्कृतिक पहचान मतदान को प्रभावित करती है।
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