📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / A.Savin
राजनीति
कोटा में मेयर पद को लेकर भाजपा में खींचतान, पार्षदों के फोन बंद, चित्तौड़गढ़ भेजे
✍️ Amar Ujala · Kota
🗓 19 सित. 2026, 05:45 PM
👁 11
भाजपा ने कोटा नगर निगम का बोर्ड बनाते ही मेयर‑डिप्टी मेयर पदों को लेकर आंतरिक टकराव शुरू किया, जिससे पार्षदों के फोन बंद कर उन्हें चित्तौड़गढ़ भेजा गया।
भाजपा ने कोटा नगर निगम में बहुमत हासिल कर अपना बोर्ड बनाते ही मेयर और डिप्टी मेयर पदों को लेकर आंतरिक टकराव शुरू किया। वरिष्ठ नेताओं के बीच समझौता न हो पाने के कारण कुछ पार्षदों के मोबाइल फ़ोन बंद कर उन्हें चित्तौड़गढ़ के जिला मुख्यालय भेज दिया गया।
यह कदम संभावित विद्रोह को रोकने और मेयर पद के चुनाव से पहले नियंत्रण बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया माना जा रहा है।
इसी बीच, विपक्षी कांग्रेस ने भी अपने मेयर प्रत्याशी को वापस ले लिया, क्योंकि वह बढ़ती अस्थिरता और भाजपा के भीतर चल रहे संघर्ष को लेकर चिंतित थी। इस स्थिति से कोटा के स्थानीय प्रशासन में मेयर एवं डिप्टी मेयर पदों के चयन में अनिश्चितता बढ़ गई है।
यह कदम संभावित विद्रोह को रोकने और मेयर पद के चुनाव से पहले नियंत्रण बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया माना जा रहा है।
इसी बीच, विपक्षी कांग्रेस ने भी अपने मेयर प्रत्याशी को वापस ले लिया, क्योंकि वह बढ़ती अस्थिरता और भाजपा के भीतर चल रहे संघर्ष को लेकर चिंतित थी। इस स्थिति से कोटा के स्थानीय प्रशासन में मेयर एवं डिप्टी मेयर पदों के चयन में अनिश्चितता बढ़ गई है।