📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / ArmouredCyborg
राजनीति
भाजपा जिलाध्यक्ष अमित सक्सेना ने पूछा, केंद्रीय मंत्री धरना दे सकते हैं तो मैं ज्ञापन क्यों नहीं दे सकता
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 12 अक्टू. 2026, 07:15 PM
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भाजपा जिलाध्यक्ष अमित सक्सेना ने केंद्रीय मंत्री को धरना देने की अनुमति मिलने पर खुद को ज्ञापन सौंपने से रोकने का स्पष्टीकरण मांगा।
मध्य प्रदेश के भाजपा जिलाध्यक्ष अमित सक्सेना ने सार्वजनिक रूप से यह सवाल उठाया कि एक केंद्रीय मंत्री को धरना देने की अनुमति मिलती है, जबकि उनका ज्ञापन प्रस्तुत करने का प्रयास रोक दिया गया। उन्होंने इस असमानता को सभी राजनीतिक व्यक्तियों के समान अधिकारों के उल्लंघन के रूप में बताया।
सक्सेना ने संबंधित अधिकारियों से स्पष्ट उत्तर की मांग की, यह तर्क देते हुए कि पद या रैंक की परवाह किए बिना हर किसी को समान प्रक्रिया के तहत अपनी बात रखने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि केंद्रीय मंत्री धरना दे सकते हैं, तो उन्हें भी ज्ञापन सौंपने की अनुमति मिलनी चाहिए।
अमर उजाला ने इस बयान को प्रकाशित किया, जिससे भाजपा के भीतर लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति के साधनों तक पहुँच को लेकर तनाव स्पष्ट हुआ। वर्तमान में केंद्रीय मंत्री के कार्यालय या राज्य प्रशासन से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
सक्सेना ने संबंधित अधिकारियों से स्पष्ट उत्तर की मांग की, यह तर्क देते हुए कि पद या रैंक की परवाह किए बिना हर किसी को समान प्रक्रिया के तहत अपनी बात रखने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि केंद्रीय मंत्री धरना दे सकते हैं, तो उन्हें भी ज्ञापन सौंपने की अनुमति मिलनी चाहिए।
अमर उजाला ने इस बयान को प्रकाशित किया, जिससे भाजपा के भीतर लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति के साधनों तक पहुँच को लेकर तनाव स्पष्ट हुआ। वर्तमान में केंद्रीय मंत्री के कार्यालय या राज्य प्रशासन से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।