📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / FacetsOfNonStickPans
कृषि
बिहार की मखाना ने ग्रीस में खोला नया बाजार, पूर्णिया से निर्यात में बढ़ोतरी
✍️ Swarajya
🗓 02 अक्टू. 2026, 05:02 PM
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बिहार के पूर्णिया के मखाना निर्यातकों ने ग्रीस के साथ निर्यात समझौता किया, जिससे यूरोप में पहली बार इस फसल का प्रवेश हुआ।
बिहार के उत्तरी जिले के पूर्णिया शहर ने अपने प्रमुख जलजैविक बीज, मखाना, को यूरोप में ले जाने का पहला कदम उठाया है। राज्य के बागवानी विभाग ने पुष्टि की है कि ग्रीस के एक आयातक के साथ किए गए समझौते के तहत कई टन साफ़ और भुना हुआ मखाना अगले कुछ महीनों में ग्रीस भेजा जाएगा, जिससे यह फसल यूरोपीय संघ के बाजार में पहली बार प्रवेश कर रही है।
बिहार भारत के मखाना उत्पादन का 80% से अधिक हिस्सा संभालता है, जो कोसी बेसिन के उथले तालाबों में उगाया जाता है। स्थानीय किसान और सहकारी समितियां घरेलू कीमतों में उतार‑चढ़ाव से बचने के लिए नए विदेशी बाजारों की तलाश में थीं, और ग्रीस के साथ यह अनुबंध एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है, जो अन्य यूरोपीय खरीदारों के लिए मार्ग खोल सकता है।
राज्य के अधिकारियों का कहना है कि निर्यात यूरोपीय संघ के खाद्य‑सुरक्षा मानकों के अनुरूप होगा और प्रमाणन प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। सफल होने पर यह शिपमेंट पूर्णिया के किसानों की आय बढ़ा सकता है और क्षेत्र के अन्य उच्च‑मूल्य वाली फसलों के लिए समान पहल को प्रोत्साहित कर सकता है।
यह कदम बिहार सरकार की कृषि निर्यात को विविधीकृत करने और वैश्विक मंच पर विशिष्ट उत्पादों को बढ़ावा देने की व्यापक नीति के अनुरूप है, जिससे राज्य की गुणवत्ता वाले मखाने की पहचान और मजबूत होगी।
बिहार भारत के मखाना उत्पादन का 80% से अधिक हिस्सा संभालता है, जो कोसी बेसिन के उथले तालाबों में उगाया जाता है। स्थानीय किसान और सहकारी समितियां घरेलू कीमतों में उतार‑चढ़ाव से बचने के लिए नए विदेशी बाजारों की तलाश में थीं, और ग्रीस के साथ यह अनुबंध एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है, जो अन्य यूरोपीय खरीदारों के लिए मार्ग खोल सकता है।
राज्य के अधिकारियों का कहना है कि निर्यात यूरोपीय संघ के खाद्य‑सुरक्षा मानकों के अनुरूप होगा और प्रमाणन प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। सफल होने पर यह शिपमेंट पूर्णिया के किसानों की आय बढ़ा सकता है और क्षेत्र के अन्य उच्च‑मूल्य वाली फसलों के लिए समान पहल को प्रोत्साहित कर सकता है।
यह कदम बिहार सरकार की कृषि निर्यात को विविधीकृत करने और वैश्विक मंच पर विशिष्ट उत्पादों को बढ़ावा देने की व्यापक नीति के अनुरूप है, जिससे राज्य की गुणवत्ता वाले मखाने की पहचान और मजबूत होगी।