📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Election Commission of India
शिक्षा
बिहार सरकार ने पीएचडी छात्रों की शिकायतों के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया, कहा विधानसभा अध्यक्ष
✍️ Amar Ujala · Gaya
🗓 22 अग. 2026, 06:55 PM
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विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि राज्य ने पीएचडी छात्रों की शिकायतों के लिए एक विशेष पोर्टल शुरू किया है, जिससे उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुलझाने का इरादा स्पष्ट हुआ।
बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि राज्य सरकार पीएचडी छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने बताया कि अब एक विशेष डिजिटल पोर्टल शुरू किया गया है, जहाँ डॉक्टरेट छात्रों की शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं।
यह पहल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहल पर आधारित है, जिन्होंने उच्च शिक्षा के मुद्दों को अपनी प्राथमिकता में रखा है। पोर्टल के माध्यम से छात्र सीधे ऑनलाइन अपनी शिकायतें दर्ज कर सकते हैं, जिससे समाधान प्रक्रिया तेज़ और पारदर्शी होगी।
अध्यक्ष के अनुसार, इस प्रणाली से विश्वविद्यालय प्रशासन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और समय पर प्रतिक्रिया दी जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि वे पोर्टल की निगरानी करेंगे और उठाए गए मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई करेंगे, जिससे बिहार में शोध छात्रों के लिए शैक्षणिक माहौल सुधरेगा।
यह कदम उन बढ़ती मांगों के बीच आया है, जहाँ अकादमिक समुदाय बेहतर समर्थन, फंडिंग और प्रशासनिक पारदर्शिता की माँग कर रहा है। एक औपचारिक फीडबैक चैनल बनाकर, राज्य प्रणालीगत चुनौतियों को दूर करने की कोशिश कर रहा है।
संबंधित पक्षों से उम्मीद की जा रही है कि वे इस पोर्टल का सक्रिय उपयोग करेंगे, और सरकार ने इसकी प्रभावशीलता की समय‑समय पर समीक्षा करने का वचन दिया है, जिससे क्षेत्र में उच्च शिक्षा सुधार पर निरंतर ध्यान बना रहेगा।
यह पहल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहल पर आधारित है, जिन्होंने उच्च शिक्षा के मुद्दों को अपनी प्राथमिकता में रखा है। पोर्टल के माध्यम से छात्र सीधे ऑनलाइन अपनी शिकायतें दर्ज कर सकते हैं, जिससे समाधान प्रक्रिया तेज़ और पारदर्शी होगी।
अध्यक्ष के अनुसार, इस प्रणाली से विश्वविद्यालय प्रशासन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और समय पर प्रतिक्रिया दी जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि वे पोर्टल की निगरानी करेंगे और उठाए गए मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई करेंगे, जिससे बिहार में शोध छात्रों के लिए शैक्षणिक माहौल सुधरेगा।
यह कदम उन बढ़ती मांगों के बीच आया है, जहाँ अकादमिक समुदाय बेहतर समर्थन, फंडिंग और प्रशासनिक पारदर्शिता की माँग कर रहा है। एक औपचारिक फीडबैक चैनल बनाकर, राज्य प्रणालीगत चुनौतियों को दूर करने की कोशिश कर रहा है।
संबंधित पक्षों से उम्मीद की जा रही है कि वे इस पोर्टल का सक्रिय उपयोग करेंगे, और सरकार ने इसकी प्रभावशीलता की समय‑समय पर समीक्षा करने का वचन दिया है, जिससे क्षेत्र में उच्च शिक्षा सुधार पर निरंतर ध्यान बना रहेगा।