📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Samratudhd
शिक्षा
बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने छात्र सहायता योजना का शुभारंभ, त्वरित शिकायत निपटान
✍️ Mid-Day
🗓 26 अग. 2026, 01:48 AM
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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने छात्रों के लिए नई सहायता योजना की घोषणा की और शिकायत निपटान के लिए समयबद्ध प्रक्रिया का वादा किया।
पटना, बिहार – मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक नई छात्र सहायता योजना का औपचारिक शुभारंभ किया, जिसमें आर्थिक सहायता, परामर्श और शैक्षणिक संसाधन प्रदान करने का प्रावधान है, ताकि राज्य के सभी स्कूल‑कॉलेज के छात्रों को बेहतर शिक्षा मिल सके। यह योजना विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को लक्षित करती है और शैक्षिक अंतर को कम करने की दिशा में काम करेगी।
चौधरी ने बताया कि इस पहल के तहत एक विशेष शिकायत निपटान इकाई स्थापित की जाएगी, जो छात्रों की शिकायतों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सुलझाएगी। एक ऑनलाइन पोर्टल और टोल‑फ्री नंबर अगले हफ्ते से सक्रिय हो जाएगा, जिससे लाभार्थी फंड वितरण, पात्रता या सेवा संबंधी समस्याओं की रिपोर्ट कर सकेंगे।
राज्य अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के लिए राज्य बजट और केंद्र सरकार के अनुदान दोनों का उपयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अनुमान लगाया कि पहले वर्ष में यह योजना आधे मिलियन से अधिक छात्रों तक पहुँच सकती है, जिससे स्कूल छोड़ने की दर घटेगी और छात्र प्रतिधारण में सुधार होगा।
यह कदम बिहार सरकार की शिक्षा सुधार और सामाजिक कल्याण की व्यापक रणनीति के अनुरूप है, जो राष्ट्रीय समावेशी शिक्षा लक्ष्यों के साथ मेल खाता है। शिक्षकों के संघ और छात्र समूहों ने इस पहल का स्वागत किया है, साथ ही शीघ्र कार्यान्वयन और पारदर्शी निगरानी की मांग की है।
चौधरी ने बताया कि इस पहल के तहत एक विशेष शिकायत निपटान इकाई स्थापित की जाएगी, जो छात्रों की शिकायतों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सुलझाएगी। एक ऑनलाइन पोर्टल और टोल‑फ्री नंबर अगले हफ्ते से सक्रिय हो जाएगा, जिससे लाभार्थी फंड वितरण, पात्रता या सेवा संबंधी समस्याओं की रिपोर्ट कर सकेंगे।
राज्य अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के लिए राज्य बजट और केंद्र सरकार के अनुदान दोनों का उपयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अनुमान लगाया कि पहले वर्ष में यह योजना आधे मिलियन से अधिक छात्रों तक पहुँच सकती है, जिससे स्कूल छोड़ने की दर घटेगी और छात्र प्रतिधारण में सुधार होगा।
यह कदम बिहार सरकार की शिक्षा सुधार और सामाजिक कल्याण की व्यापक रणनीति के अनुरूप है, जो राष्ट्रीय समावेशी शिक्षा लक्ष्यों के साथ मेल खाता है। शिक्षकों के संघ और छात्र समूहों ने इस पहल का स्वागत किया है, साथ ही शीघ्र कार्यान्वयन और पारदर्शी निगरानी की मांग की है।