📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Shah zaman baloch
शिक्षा
बिहार बी.एड सीईटी 2026 काउंसिलिंग में खाली सीटें तुरंत प्रवेश के लिए जारी
✍️ Careers360
🗓 18 सित. 2026, 05:17 AM
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बिहार शिक्षा विभाग ने 2026 बी.एड सीईटी की काउंसिलिंग शुरू की और खाली सीटों को तुरंत प्रवेश के माध्यम से भरने की घोषणा की।
पटना, बिहार – राज्य के बी.एड कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) 2026 की काउंसिलिंग सोमवार से शुरू हुई है और अधिकारियों ने बताया कि पहले राउंड में बची हुई सभी सीटें तुरंत प्रवेश के माध्यम से दी जाएँगी। यह कदम उन योग्य अभ्यर्थियों को अवसर देने के लिए उठाया गया है, जिन्होंने प्रारंभिक आवंटन में भाग नहीं लिया।
बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड द्वारा जारी काउंसिलिंग ब्रोशर के अनुसार, वैध रैंक सूची वाले उम्मीदवारों को निर्धारित केंद्रों पर उपस्थित होना होगा। दस्तावेज़ सत्यापन और प्रवेश शुल्क के भुगतान के बाद, सीटें प्रथम‑आवेदन‑पहला‑प्राथमिकता के आधार पर आवंटित की जाएँगी। अभ्यर्थियों को मूल प्रमाणपत्र, निवास प्रमाण और हाल की फोटो ले जाना अनिवार्य है।
तत्काल प्रवेश की अवधि तीन दिनों तक रहेगी, जिसके बाद अंतिम मेरिट सूची आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे पोर्टल पर नियमित रूप से नज़र रखें और समय सीमा से पहले पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि अवसर न चूकें।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा कि इस तेज़ प्रक्रिया से शेष खाली सीटें शीघ्र भरने की उम्मीद है, जिससे कॉलेजों को आगामी सत्र के लिए आवश्यक संकाय उपलब्ध हो सकेगा।
बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड द्वारा जारी काउंसिलिंग ब्रोशर के अनुसार, वैध रैंक सूची वाले उम्मीदवारों को निर्धारित केंद्रों पर उपस्थित होना होगा। दस्तावेज़ सत्यापन और प्रवेश शुल्क के भुगतान के बाद, सीटें प्रथम‑आवेदन‑पहला‑प्राथमिकता के आधार पर आवंटित की जाएँगी। अभ्यर्थियों को मूल प्रमाणपत्र, निवास प्रमाण और हाल की फोटो ले जाना अनिवार्य है।
तत्काल प्रवेश की अवधि तीन दिनों तक रहेगी, जिसके बाद अंतिम मेरिट सूची आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे पोर्टल पर नियमित रूप से नज़र रखें और समय सीमा से पहले पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि अवसर न चूकें।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा कि इस तेज़ प्रक्रिया से शेष खाली सीटें शीघ्र भरने की उम्मीद है, जिससे कॉलेजों को आगामी सत्र के लिए आवश्यक संकाय उपलब्ध हो सकेगा।