📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bharat Bang
देश
भिवंडी में भवन ध्वस्त होने की घटना
✍️ Mid-Day
🗓 01 अग. 2026, 09:48 PM
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भिवंडी में एक इमारत के ढहने से बचाव कार्यों पर चिंता बढ़ गई है. यह घटना ऐसी स्थितियों में प्रतिक्रियाकर्ताओं को आने वाली चुनौतियों को रेखांकित करती है.
भिवंडी में हाल ही में एक इमारत के ढहने से इस तरह की घटनाओं में बचाव कार्यों की जटिलताओं पर ध्यान आकर्षित हुआ है. ढहने की प्रकृति, जिसे पैनकेक ढहने के रूप में जाना जाता है, प्रतिक्रियाकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण चुनौतियाँ प्रस्तुत करती है. एनडीआरएफ के एक अधिकारी के अनुसार, इस प्रकार का ढहना घने और कॉम्पैक्ट मलबे के कारण बचाव कार्यों को अधिक जानलेवा बना देता है. अधिकारी ने समझाया कि पैनकेक ढहने में, इमारत की मंजिलें एक दूसरे पर ढह जाती हैं, जिससे एक घना मलबा बन जाता है जो बचे हुए लोगों को फंसा सकता है और प्रतिक्रियाकर्ताओं के लिए उन तक पहुँचना मुश्किल बना देता है. यह ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण और उपकरण की आवश्यकता को रेखांकित करता है.