📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Survey of India / Walker, J. & C.
शिक्षा
एटलस एक्सिलिया ने नालंदा कॉलेज के साथ खोला नया टिंकरिंग लैब
✍️ Asianet Newsable
🗓 06 नव. 2026, 04:37 AM
👁 16
एटलस एक्सिलिया और नालंदा कॉलेज ने छात्रों में रचनात्मकता और प्रयोगात्मक सीख को बढ़ावा देने के लिए एक नया टिंकरिंग लैब मिलकर शुरू किया है।
एटलस एक्सिलिया, एक प्रौद्योगिकी‑उन्मुख संस्था, ने नालंदा कॉलेज के साथ मिलकर एक अत्याधुनिक टिंकरिंग लैब की शुरुआत की। इस उद्घाटन समारोह का आयोजन कॉलेज परिसर में हुआ, जो व्यावहारिक शिक्षा को सुदृढ़ करने के सहयोगी प्रयास को दर्शाता है।
लैब में इलेक्ट्रॉनिक्स, रोबोटिक्स और बुनियादी इंजीनियरिंग अवधारणाओं के प्रयोग के लिए आवश्यक उपकरण और किट उपलब्ध हैं। इसका उद्देश्य छात्रों को सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक प्रोटोटाइप में बदलने के लिए एक प्रयोगात्मक माहौल प्रदान करना है।
कॉलेज के अधिकारियों ने कहा कि यह सुविधा नवाचार को प्रोत्साहित करेगी और छात्रों को पाठ्यपुस्तकों से परे विज्ञान‑प्रौद्योगिकी (STEM) क्षेत्रों की खोज करने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि उद्योग‑शिक्षा सहयोगों के माध्यम से कौशल अंतर को पाटने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल भविष्य की पीढ़ी को समस्या‑समाधान क्षमताओं और उद्यमी सोच से सशक्त बनाएगी, जो राष्ट्रीय ज्ञान‑आधारित अर्थव्यवस्था के लक्ष्यों के अनुरूप है।
लैब में इलेक्ट्रॉनिक्स, रोबोटिक्स और बुनियादी इंजीनियरिंग अवधारणाओं के प्रयोग के लिए आवश्यक उपकरण और किट उपलब्ध हैं। इसका उद्देश्य छात्रों को सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक प्रोटोटाइप में बदलने के लिए एक प्रयोगात्मक माहौल प्रदान करना है।
कॉलेज के अधिकारियों ने कहा कि यह सुविधा नवाचार को प्रोत्साहित करेगी और छात्रों को पाठ्यपुस्तकों से परे विज्ञान‑प्रौद्योगिकी (STEM) क्षेत्रों की खोज करने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि उद्योग‑शिक्षा सहयोगों के माध्यम से कौशल अंतर को पाटने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल भविष्य की पीढ़ी को समस्या‑समाधान क्षमताओं और उद्यमी सोच से सशक्त बनाएगी, जो राष्ट्रीय ज्ञान‑आधारित अर्थव्यवस्था के लक्ष्यों के अनुरूप है।