📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
मनोरंजन
आर्यभट्ट का ज़ीरो समीक्षा: रवि किशन की स्लाइस‑ऑफ‑लाइफ़ फिल्म में ठहराव
✍️ Hindustan Times
🗓 08 अग. 2026, 01:37 PM
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हिंदुस्तान टाइम्स की समीक्षा में ‘आर्यभट्ट का ज़ीरो’ को दो घंटे की, उद्देश्यहीन यात्रा बताया गया है, रवि किशन और हिमांशु कोहली के प्रयासों के बावजूद।
2024 की रिलीज़ ‘आर्यभट्ट का ज़ीरो’ एक दो घंटे की स्लाइस‑ऑफ‑लाइफ़ ड्रामा है, जिसका निर्देशन हिमांशु कोहली ने किया है और इसमें अनुभवी अभिनेता रवि किशन प्रमुख भूमिका में हैं। फिल्म एक छोटे भारतीय शहर में एक मध्य‑वर्गीय परिवार की रोज़मर्रा की जद्दोजहद को दर्शाती है, जिसका उद्देश्य सामान्य जीवन की नीरसता को पकड़ना है।
किशन का प्रदर्शन ईमानदार है, पर कथानक स्पष्ट दिशा के बिना बहता है, जिससे दर्शकों को स्थिरता का अनुभव होता है। कोहली का निर्देशन सक्षम है, पर दो घंटे के रनटाइम को बनाए रखने के लिए आवश्यक भावनात्मक गहराई की कमी है।
सहायक कलाकारों का प्रदर्शन ठोस है, पर पटकथा की गति असमान है, जिससे कहानी एक लंबी, उबाऊ सैर जैसी लगती है। सिनेमैटोग्राफी सेटिंग को अच्छी तरह कैप्चर करती है, पर फिल्म में आकर्षक मोड़ की कमी है।
कुल मिलाकर, हिंदुस्तान टाइम्स की समीक्षा बताती है कि ‘आर्यभट्ट का ज़ीरो’ दो घंटे की एक उद्देश्यहीन यात्रा है, जिसकी महत्वाकांक्षाएँ इसके निष्पादन से पीछे रह जाती हैं।
किशन का प्रदर्शन ईमानदार है, पर कथानक स्पष्ट दिशा के बिना बहता है, जिससे दर्शकों को स्थिरता का अनुभव होता है। कोहली का निर्देशन सक्षम है, पर दो घंटे के रनटाइम को बनाए रखने के लिए आवश्यक भावनात्मक गहराई की कमी है।
सहायक कलाकारों का प्रदर्शन ठोस है, पर पटकथा की गति असमान है, जिससे कहानी एक लंबी, उबाऊ सैर जैसी लगती है। सिनेमैटोग्राफी सेटिंग को अच्छी तरह कैप्चर करती है, पर फिल्म में आकर्षक मोड़ की कमी है।
कुल मिलाकर, हिंदुस्तान टाइम्स की समीक्षा बताती है कि ‘आर्यभट्ट का ज़ीरो’ दो घंटे की एक उद्देश्यहीन यात्रा है, जिसकी महत्वाकांक्षाएँ इसके निष्पादन से पीछे रह जाती हैं।