📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Chris Hunkeler from Carlsbad, California, USA
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रक्षा
सेना के दिग्गजों ने लद्दाख में वायरल "हम जनरेशन जेड हैं" वीडियो की निंदा की
✍️ Hindustan Times
🗓 20 अग. 2026, 01:38 PM
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भारतीय सेना के दिग्गजों ने लद्दाख में वायरल हुए एक वीडियो पर गुस्सा जताया, जिसमें एक महिला ने "हम जनरेशन जेड हैं" कहा, इसे सैनिकों के प्रति अपमान बताया।
लद्दाख में सोशल मीडिया पर तेजी से फैलते एक वीडियो में एक युवा महिला ने "हम जनरेशन जेड हैं" कहा, जिससे भारतीय सेना के कई दिग्गजों ने कड़ी निंदा की। उच्च ऊँचाई वाले क्षेत्रों में सेवा कर चुके इन पूर्व सैनिकों ने कहा कि यह टिप्पणी उन सैनिकों के बलिदानों को कमतर करती है, जो इस रणनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र में तैनात हैं।
ऑनलाइन मंचों पर पोस्ट किए गए बयानों में दिग्गजों ने कहा कि सेना के प्रति सम्मान एक मौलिक नागरिक कर्तव्य है, विशेषकर लद्दाख जैसे क्षेत्र में। उन्होंने चेतावनी दी कि सेना की भूमिका को हल्के में लेना सार्वजनिक मनोबल को कमजोर कर सकता है और राष्ट्रीय सुरक्षा पर असर डाल सकता है।
हजारों व्यूज हासिल करने वाले इस वीडियो ने पीढ़ीगत दृष्टिकोण और युवा संस्कृति व पारंपरिक मूल्यों के बीच के अंतर पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया है। जबकि कुछ नेटिज़न्स ने महिला के अभिव्यक्ति के अधिकार की रक्षा की, दिग्गजों ने कहा कि सेना के प्रति श्रद्धा को समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
वर्तमान में रक्षा मंत्रालय ने इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, और वीडियो में दिखाई देने वाली महिला की पहचान भी अज्ञात बनी हुई है। यह विवाद ऑनलाइन ही बना हुआ है, जो आधुनिक युवा अभिव्यक्ति और स्थापित सामाजिक मानदंडों के बीच चल रहे तनाव को उजागर करता है।
ऑनलाइन मंचों पर पोस्ट किए गए बयानों में दिग्गजों ने कहा कि सेना के प्रति सम्मान एक मौलिक नागरिक कर्तव्य है, विशेषकर लद्दाख जैसे क्षेत्र में। उन्होंने चेतावनी दी कि सेना की भूमिका को हल्के में लेना सार्वजनिक मनोबल को कमजोर कर सकता है और राष्ट्रीय सुरक्षा पर असर डाल सकता है।
हजारों व्यूज हासिल करने वाले इस वीडियो ने पीढ़ीगत दृष्टिकोण और युवा संस्कृति व पारंपरिक मूल्यों के बीच के अंतर पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया है। जबकि कुछ नेटिज़न्स ने महिला के अभिव्यक्ति के अधिकार की रक्षा की, दिग्गजों ने कहा कि सेना के प्रति श्रद्धा को समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
वर्तमान में रक्षा मंत्रालय ने इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, और वीडियो में दिखाई देने वाली महिला की पहचान भी अज्ञात बनी हुई है। यह विवाद ऑनलाइन ही बना हुआ है, जो आधुनिक युवा अभिव्यक्ति और स्थापित सामाजिक मानदंडों के बीच चल रहे तनाव को उजागर करता है।