📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
मनोरंजन
ए.आर. रहमान की रामायण गीत पर विवाद, भारत में चर्चा
✍️ The Federal
🗓 04 नव. 2026, 04:47 AM
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ए.आर. रहमान के नए रामायण गीत के प्रकाशन ने श्रोताओं और धार्मिक समूहों के बीच बहस को जन्म दिया, जिससे कलात्मक स्वतंत्रता और सांस्कृतिक संवेदनशीलता पर सवाल उठे।
ए.आर. रहमान ने 12 सितंबर 2023 को रामायण से प्रेरित एक नया ट्रैक जारी किया, जिसे प्रमुख स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म और यूट्यूब पर उपलब्ध कराया गया। इस रचना में पारंपरिक भारतीय शास्त्रीय धुनों के साथ समकालीन इलेक्ट्रॉनिक तत्वों का मिश्रण है, जिसका उद्देश्य प्राचीन कथा का आधुनिक रूप देना है।
हालाँकि संगीत समीक्षकों ने रहमान के नवाचारी मिश्रण की प्रशंसा की, कई धार्मिक समूहों ने गीत के बोल और संगीत चयन को पवित्र कथाओं के प्रति असम्मानजनक मानने की चिंता जताई। कुछ श्रोताओं का मानना है कि कुछ वाद्ययंत्रों और गायन शैलियों का उपयोग रामायण की पवित्रता को कम कर सकता है।
इस विवाद ने भारत में कलात्मक अभिव्यक्ति की सीमाओं पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया है। रचनात्मक स्वतंत्रता के समर्थक तर्क देते हैं कि सांस्कृतिक पाठों की पुनर्व्याख्या कलात्मक विकास का स्वाभाविक हिस्सा है, जबकि विरोधी धार्मिक भावनाओं के प्रति संवेदनशीलता की आवश्यकता पर बल देते हैं।
अभी तक ट्रैक पर कोई आधिकारिक प्रतिबंध नहीं लगाया गया है, परंतु भारतीय संस्कृति मंत्रालय ने सामग्री की समीक्षा का अनुरोध किया है। रहमान की टीम ने बताया कि यह गीत महाकाव्य का सम्मान करते हुए बनाया गया था और किसी भी अनजाने अपमान का इरादा नहीं था।
हालाँकि संगीत समीक्षकों ने रहमान के नवाचारी मिश्रण की प्रशंसा की, कई धार्मिक समूहों ने गीत के बोल और संगीत चयन को पवित्र कथाओं के प्रति असम्मानजनक मानने की चिंता जताई। कुछ श्रोताओं का मानना है कि कुछ वाद्ययंत्रों और गायन शैलियों का उपयोग रामायण की पवित्रता को कम कर सकता है।
इस विवाद ने भारत में कलात्मक अभिव्यक्ति की सीमाओं पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया है। रचनात्मक स्वतंत्रता के समर्थक तर्क देते हैं कि सांस्कृतिक पाठों की पुनर्व्याख्या कलात्मक विकास का स्वाभाविक हिस्सा है, जबकि विरोधी धार्मिक भावनाओं के प्रति संवेदनशीलता की आवश्यकता पर बल देते हैं।
अभी तक ट्रैक पर कोई आधिकारिक प्रतिबंध नहीं लगाया गया है, परंतु भारतीय संस्कृति मंत्रालय ने सामग्री की समीक्षा का अनुरोध किया है। रहमान की टीम ने बताया कि यह गीत महाकाव्य का सम्मान करते हुए बनाया गया था और किसी भी अनजाने अपमान का इरादा नहीं था।