📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Arjunaraoc
टेक्नोलॉजी
डेटा‑सेंटर विस्तार के बाद आंध्र प्रदेश बना भारत का तीसरा सबसी हब
✍️ The Hindu
🗓 28 अग. 2026, 01:37 AM
👁 5
डेटा‑सेंटर के विस्तार से सुदृढ़ डिजिटल बुनियादी ढाँचे के कारण आंध्र प्रदेश भारत का तीसरा सबसी केबल हब बनने की ओर बढ़ रहा है।
आंध्र प्रदेश ने कई डेटा‑सेंटर परियोजनाओं के बाद अपनी कनेक्टिविटी क्षमता को बढ़ाते हुए भारत का अगला प्रमुख सबसी केबल लैंडिंग पॉइंट बनने की तैयारी की है। राज्य के अधिकारियों और उद्योग के प्रतिनिधियों का कहना है कि नई सुविधाएँ अंतरराष्ट्रीय फाइबर‑ऑप्टिक केबलों के तट पर उतरने के लिए आवश्यक बैंडविड्थ और विश्वसनीयता प्रदान करेंगी।
यह कदम मुंबई और चेन्नई जैसे पारंपरिक हबों से भारत के इंटरनेट बेकबोन को विविधता देने की रणनीतिक पहल के तहत आया है। तटवर्ती भौगोलिक स्थिति और बढ़ते डेटा‑सेंटर इकोसिस्टम का उपयोग करके राज्य वैश्विक टेलीकॉम ऑपरेटरों को एशिया और मध्य पूर्व की कम‑लेटनसी रूट्स प्रदान करने का लक्ष्य रखता है।
हितधारकों का मानना है कि यह सबसी हब क्षेत्रीय डिजिटल सेवाओं को सुदृढ़ करेगा, क्लाउड और एज कंप्यूटिंग पहलों को समर्थन देगा और संबंधित रोजगार अवसर पैदा करेगा। सरकार ने भूमि‑साइड बुनियादी ढाँचे और नियामक मंजूरी को तेज़ करने के लिए तैयारियों की घोषणा की है।
विशिष्ट केबल परियोजनाओं की विस्तृत समय‑सीमा अभी चर्चा में है, परंतु यह स्पष्ट है कि आंध्र प्रदेश की उन्नत बुनियादी ढाँचा इसे भारतीय उपमहाद्वीप में क्षमता और रिडंडेंसी बढ़ाने के इच्छुक कैरियर्स के लिए एक प्रतिस्पर्धी विकल्प बनाता है।
यह कदम मुंबई और चेन्नई जैसे पारंपरिक हबों से भारत के इंटरनेट बेकबोन को विविधता देने की रणनीतिक पहल के तहत आया है। तटवर्ती भौगोलिक स्थिति और बढ़ते डेटा‑सेंटर इकोसिस्टम का उपयोग करके राज्य वैश्विक टेलीकॉम ऑपरेटरों को एशिया और मध्य पूर्व की कम‑लेटनसी रूट्स प्रदान करने का लक्ष्य रखता है।
हितधारकों का मानना है कि यह सबसी हब क्षेत्रीय डिजिटल सेवाओं को सुदृढ़ करेगा, क्लाउड और एज कंप्यूटिंग पहलों को समर्थन देगा और संबंधित रोजगार अवसर पैदा करेगा। सरकार ने भूमि‑साइड बुनियादी ढाँचे और नियामक मंजूरी को तेज़ करने के लिए तैयारियों की घोषणा की है।
विशिष्ट केबल परियोजनाओं की विस्तृत समय‑सीमा अभी चर्चा में है, परंतु यह स्पष्ट है कि आंध्र प्रदेश की उन्नत बुनियादी ढाँचा इसे भारतीय उपमहाद्वीप में क्षमता और रिडंडेंसी बढ़ाने के इच्छुक कैरियर्स के लिए एक प्रतिस्पर्धी विकल्प बनाता है।