📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
राजनीति
अंध्र प्रदेश के सीएम ने कहा, ब्रिक्स शिखर पर भारत की आवाज़ अधिक स्पष्ट
✍️ DD India
🗓 15 सित. 2026, 03:32 AM
👁 13
मुख्यमंत्री यशवंत सिंह राजपूत ने कहा, हालिया ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भारत की स्थिति अधिक आत्मविश्वास के साथ सुनी गई, जो देश के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।
नई दिल्ली, १४ सितंबर — अंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री यशवंत सिंह राजपूत ने हालिया ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भारत के प्रदर्शन की सराहना की, यह कहते हुए कि देश की आवाज़ अधिक आत्मविश्वास के साथ सुनी गई। उन्होंने बताया कि इस मंच पर लिए गए सामूहिक निर्णय भारत की रणनीतिक महत्ता को रेखांकित करते हैं।
राजपूत ने डीडी इंडिया के साथ एक टेलीविज़न साक्षात्कार में कहा कि सक्रिय कूटनीति और आर्थिक पहलों ने भारत की सौदेबाज़ी शक्ति को मजबूत किया है। उन्होंने बताया कि व्यापार, प्रौद्योगिकी सहयोग और सतत विकास पर प्रमुख चर्चा भारत के दीर्घकालिक लक्ष्यों के अनुरूप रही।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शिखर सम्मेलन में दिखा आत्मविश्वास भारत की वैश्विक मंच पर बढ़ती भूमिका का प्रतिबिंब है और अन्य राज्यों को राष्ट्रीय एजेंडा के साथ तालमेल बिठाने की अपील की, ताकि इस तरह के बहुपक्षीय मंचों के लाभ अधिकतम हो सकें।
विश्लेषकों का मानना है कि राजपूत के बयानों से सरकार की विदेश नीति की दिशा स्पष्ट होती है, जो आर्थिक साझेदारियों और भू‑राजनीतिक हितों को आगे बढ़ाने के लिए ब्रिक्स को एक महत्वपूर्ण मंच बनाती है।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का समापन एक संयुक्त घोषणा पत्र के साथ हुआ, जिसमें सदस्य देशों की समावेशी विकास के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई गई और भारत के योगदान को अंतिम दस्तावेज़ में महत्वपूर्ण बताया गया।
राजपूत ने डीडी इंडिया के साथ एक टेलीविज़न साक्षात्कार में कहा कि सक्रिय कूटनीति और आर्थिक पहलों ने भारत की सौदेबाज़ी शक्ति को मजबूत किया है। उन्होंने बताया कि व्यापार, प्रौद्योगिकी सहयोग और सतत विकास पर प्रमुख चर्चा भारत के दीर्घकालिक लक्ष्यों के अनुरूप रही।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शिखर सम्मेलन में दिखा आत्मविश्वास भारत की वैश्विक मंच पर बढ़ती भूमिका का प्रतिबिंब है और अन्य राज्यों को राष्ट्रीय एजेंडा के साथ तालमेल बिठाने की अपील की, ताकि इस तरह के बहुपक्षीय मंचों के लाभ अधिकतम हो सकें।
विश्लेषकों का मानना है कि राजपूत के बयानों से सरकार की विदेश नीति की दिशा स्पष्ट होती है, जो आर्थिक साझेदारियों और भू‑राजनीतिक हितों को आगे बढ़ाने के लिए ब्रिक्स को एक महत्वपूर्ण मंच बनाती है।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का समापन एक संयुक्त घोषणा पत्र के साथ हुआ, जिसमें सदस्य देशों की समावेशी विकास के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई गई और भारत के योगदान को अंतिम दस्तावेज़ में महत्वपूर्ण बताया गया।