अनुदानित खाद की कालाबाजारी पर दर्ज होगा मामला: यूरिया डीएपी के गैर-कृषि इस्तेमाल पर नजर; औद्योगिक इकाइयों को देना होगा ब्योरा
करौली में अनुदान पर मिलने वाले यूरिया और डीएपी की कालाबाजारी, जमाखोरी, अवैध भंडारण, ज्यादा कीमत पर बिक्री या गैर-कृषि कामो ं मे ं इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। कृषि विभाग ने कहा है कि अनुदानित खाद का दुरुपयोग करने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी।
संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार), जिला परिषद करौली धर्म सिंह मीना ने बताया कि कृषि आयुक्त, राजस्थान ने 4 नवंबर को निर्देश जारी किए थे। इनके तहत अनुदानित खाद के दुरुपयोग को रोकने के लिए कार्रवाई की जा रही है।
केंद्र सरकार किसानों को रियायती दरों पर यूरिया और डीएपी देने के लिए अनुदान देती है। विभाग के मुताबिक कुछ औद्योगिक इकाइयो ं मे ं इनका इस्तेमाल प्लाईवुड, रेजिन, पशु आहार और दूसरे गैर-कृषि कामो ं में हो रहा है। यह नियमो ं के खिलाफ है।
आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा 7 के तहत नियम तोड़ने पर तीन महीन े से सात साल तक की सजा और जर्मान े
संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार), जिला परिषद करौली धर्म सिंह मीना ने बताया कि कृषि आयुक्त, राजस्थान ने 4 नवंबर को निर्देश जारी किए थे। इनके तहत अनुदानित खाद के दुरुपयोग को रोकने के लिए कार्रवाई की जा रही है।
केंद्र सरकार किसानों को रियायती दरों पर यूरिया और डीएपी देने के लिए अनुदान देती है। विभाग के मुताबिक कुछ औद्योगिक इकाइयो ं मे ं इनका इस्तेमाल प्लाईवुड, रेजिन, पशु आहार और दूसरे गैर-कृषि कामो ं में हो रहा है। यह नियमो ं के खिलाफ है।
आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा 7 के तहत नियम तोड़ने पर तीन महीन े से सात साल तक की सजा और जर्मान े