📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / PDRM
कृषि
अमृतसर में डीसी ने पराली जलाने रोकने के लिए प्रचार वैन का शुभारंभ किया
✍️ Amar Ujala · Amritsar
🗓 14 सित. 2026, 05:46 PM
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अमृतसर जिले में पराली जलाने को रोकने हेतु प्रचार वैन गांव‑गांव जाएगी, डीसी ने इस अभियान को हरी झंडी दिखाई।
अमृतसर के डीसी ने पराली जलाने को रोकने के उद्देश्य से एक मोबाइल प्रचार अभियान का शुभारंभ किया। जिले के मुख्यालय में आयोजित समारोह में डीसी ने हरी झंडी फहराई, जिससे इस योजना की शुरुआत का संकेत मिला।
इस अभियान के तहत विशेष रूप से सुसज्जित प्रचार वैन गांव‑गांव जाएगी। वैन पर बैनर, ऑडियो‑विज़ुअल सामग्री और पर्चे लगाए जाएंगे, जिनमें पराली जलाने के पर्यावरणीय और स्वास्थ्य जोखिमों की जानकारी होगी। स्थानीय अधिकारी और कृषि विभाग के प्रतिनिधि वैन के साथ रहेंगे, ताकि किसानों के सवालों का जवाब दे सकें और वैकल्पिक उपाय सुझा सकें।
पराली जलाना अमृतसर में हर साल धुंध और वायु प्रदूषण का प्रमुख कारण बनता है। राज्य ने पहले भी जुर्माना और मशीन‑आधारित समाधान के लिए सब्सिडी जैसी पहलें शुरू की हैं, परन्तु अनुपालन में कमी रही है। वैन‑आधारित प्रत्यक्ष संवाद इन उपायों को सुदृढ़ करने की कोशिश करेगा।
यह अभियान कई हफ्तों तक चलने की योजना है और कृषि विभाग द्वारा चिन्हित जोखिमपूर्ण गांवों को कवर करेगा। अधिकारियों की आशा है कि किसानों को वास्तविक समय में जानकारी प्रदान करके वे स्वच्छ विकल्प अपनाएँगे, जिससे धुएँ से होने वाले स्वास्थ्य जोखिम कम हो सकेंगे।
इस अभियान के तहत विशेष रूप से सुसज्जित प्रचार वैन गांव‑गांव जाएगी। वैन पर बैनर, ऑडियो‑विज़ुअल सामग्री और पर्चे लगाए जाएंगे, जिनमें पराली जलाने के पर्यावरणीय और स्वास्थ्य जोखिमों की जानकारी होगी। स्थानीय अधिकारी और कृषि विभाग के प्रतिनिधि वैन के साथ रहेंगे, ताकि किसानों के सवालों का जवाब दे सकें और वैकल्पिक उपाय सुझा सकें।
पराली जलाना अमृतसर में हर साल धुंध और वायु प्रदूषण का प्रमुख कारण बनता है। राज्य ने पहले भी जुर्माना और मशीन‑आधारित समाधान के लिए सब्सिडी जैसी पहलें शुरू की हैं, परन्तु अनुपालन में कमी रही है। वैन‑आधारित प्रत्यक्ष संवाद इन उपायों को सुदृढ़ करने की कोशिश करेगा।
यह अभियान कई हफ्तों तक चलने की योजना है और कृषि विभाग द्वारा चिन्हित जोखिमपूर्ण गांवों को कवर करेगा। अधिकारियों की आशा है कि किसानों को वास्तविक समय में जानकारी प्रदान करके वे स्वच्छ विकल्प अपनाएँगे, जिससे धुएँ से होने वाले स्वास्थ्य जोखिम कम हो सकेंगे।