🔥 ट्रेंडिंग ਪੰਜਾਬ ''ਚ ਚੋਣਾਂ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਹਲਚਲ ਤੇਜ਼!... नेटफ़्लिक्स पर 2026 में अनंद देवराकोंड... NMC ने 2026‑27 में सामुदायिक एवं सामाज... रंजि ट्रॉफी 2026-27 का लाइव स्ट्रीमिंग... अर्जुनाचल के BJP महिला मोर्चा ने JNU क... CAT ने जम्मू-कश्मीर सरकार से 12 रहबर-ए...
10 अक्टू. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
गुजरात के अंबाजी मंदिर का मोहनथाल प्रसाद को मिला जीआई टैग
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Emmanuel DYAN from Paris, France
धर्म

गुजरात के अंबाजी मंदिर का मोहनथाल प्रसाद को मिला जीआई टैग

✍️ Utkarsh Classes 🗓 10 अक्टू. 2026, 05:32 PM 👁 23
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

गुजरात के अंबाजी मंदिर का मोहनथाल प्रसाद को जीआई टैग मिल गया, जिससे इसकी विशिष्ट क्षेत्रीय पहचान को मान्यता मिली।

अंबाजी मंदिर में भक्ति प्रसाद के रूप में तैयार किया जाने वाला मोहनथाल प्रसाद को अब भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग प्राप्त हो गया है। यह मान्यता भारत के संबंधित प्राधिकरणों द्वारा दी गई है, जो उत्पाद की विशिष्ट भौगोलिक पहचान को औपचारिक रूप से स्वीकार करती है।

जीआई टैग क्षेत्रीय विशेषताओं के नाम और प्रतिष्ठा की रक्षा करता है, जिससे अनधिकृत उपयोग रोका जा सके और केवल निर्धारित मानकों का पालन करने वाले निर्माताओं को ही वही नाम मिल सके। यह संरक्षण स्थानीय कारीगरों और मंदिर प्रबंधन के लिए बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ और सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा का वादा करता है।

उत्कर्ष क्लासेज़ ने इस समाचार को प्रकाशित किया, जिसमें बताया गया कि यह मान्यता उन भक्तों और मिठाई निर्माताओं के लिए महत्वपूर्ण है जिन्होंने पीढ़ियों से इस रेसिपी को संजो कर रखा है। इस टैग से अंबाजी की यात्रा करने वाले पर्यटकों को भी प्रामाणिक प्रसाद का अनुभव मिलने की संभावना बढ़ेगी।

प्रत्याशा है कि जीआई स्थिति से ब्रांडिंग और निर्यात के नए अवसर खुलेंगे, साथ ही मंदिर की क्षेत्रीय पाक परम्पराओं को संरक्षित करने की भूमिका और सुदृढ़ होगी।
📲Get App