कृषि
अमेठी: आलू किसानों के लिए तीन नई सरकारी योजनाएं शुरू, ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया जारी
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प्रदेश सरकार ने आलू उत्पादक किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए तीन महत्वपूर्ण योजनाओं का शुभारंभ किया है, जिसके लिए किसान ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार ने आलू उत्पादक किसानों को राहत और प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से तीन नई योजनाएं शुरू की हैं। अमेठी के जिला उद्यान अधिकारी रणविजय सिंह ने जानकारी दी कि इन योजनाओं का लाभ उठाने के इच्छुक किसान आधिकारिक पोर्टल http://potato.uphorticulture.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना के तहत, बाजार में आलू के दाम गिरने पर किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके लिए सरकार ने 1000 करोड़ रुपये का कोष निर्धारित किया है। इस योजना का लाभ एक किसान अधिकतम 2 हेक्टेयर क्षेत्रफल और प्रति हेक्टेयर 240 क्विंटल आलू की उपज तक ले सकेगा।
इसके अतिरिक्त, आलू भंडारण शुल्क अनुदान योजना के अंतर्गत निजी शीतगृहों में आलू रखने वाले किसानों को 100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 20 हजार रुपये तक की सहायता दी जाएगी। वहीं, आलू बीज मूल्य छूट योजना के तहत उच्च गुणवत्ता वाले बीज खरीदने पर किसानों को 1000 रुपये प्रति क्विंटल तक की छूट मिलेगी, जिसके लिए 5 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
जिला उद्यान अधिकारी ने स्पष्ट किया कि योजनाओं की स्वीकृत सहायता राशि सीधे किसानों के आधार से जुड़े बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जाएगी। उन्होंने जिले के सभी आलू उत्पादक किसानों से समय रहते पोर्टल पर आवेदन कर इन सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की है।
भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना के तहत, बाजार में आलू के दाम गिरने पर किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके लिए सरकार ने 1000 करोड़ रुपये का कोष निर्धारित किया है। इस योजना का लाभ एक किसान अधिकतम 2 हेक्टेयर क्षेत्रफल और प्रति हेक्टेयर 240 क्विंटल आलू की उपज तक ले सकेगा।
इसके अतिरिक्त, आलू भंडारण शुल्क अनुदान योजना के अंतर्गत निजी शीतगृहों में आलू रखने वाले किसानों को 100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 20 हजार रुपये तक की सहायता दी जाएगी। वहीं, आलू बीज मूल्य छूट योजना के तहत उच्च गुणवत्ता वाले बीज खरीदने पर किसानों को 1000 रुपये प्रति क्विंटल तक की छूट मिलेगी, जिसके लिए 5 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
जिला उद्यान अधिकारी ने स्पष्ट किया कि योजनाओं की स्वीकृत सहायता राशि सीधे किसानों के आधार से जुड़े बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जाएगी। उन्होंने जिले के सभी आलू उत्पादक किसानों से समय रहते पोर्टल पर आवेदन कर इन सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की है।