📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Eugene Alvin Villar (seav)
सरकारी योजना
एडीबी ने उत्तराखंड में जीवन स्तर सुधार के लिए 200 मिलियन डॉलर ऋण मंजूर किया
✍️ News On AIR
🗓 29 अग. 2026, 06:18 AM
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एशियन डेवलपमेंट बैंक ने उत्तराखंड में जीवन स्तर सुधार हेतु 200 मिलियन डॉलर का ऋण मंजूर किया है।
एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) ने उत्तराखंड के लिए 200 मिलियन डॉलर का ऋण मंजूर किया है। यह वित्तीय सहायता राज्य के शहरी बुनियादी ढाँचे, जल आपूर्ति, कचरा प्रबंधन और आपदा‑सुरक्षित आवास जैसे क्षेत्रों में परियोजनाओं को सुदृढ़ करने के लिए उपयोग की जाएगी, जिससे नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार होगा।
ऋण का वितरण राज्य सरकार और उसके विकास एजेंसियों के माध्यम से किया जाएगा, जबकि कार्यान्वयन की निगरानी एडीबी के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा की जाएगी। इस पहल से सतत आर्थिक लाभ और पर्यावरणीय जोखिमों में कमी की उम्मीद है, विशेषकर पहाड़ी क्षेत्रों में।
उत्तराखंड के अधिकारियों ने इस समर्थन का स्वागत किया, यह कहा कि यह ऋण राज्य की दीर्घकालिक योजना के साथ मेल खाता है, जिसमें बुनियादी सेवाओं का उन्नयन और निवेश आकर्षित करना शामिल है। यह एडीबी की दक्षिण एशिया में समावेशी विकास को बढ़ावा देने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
विस्तृत परियोजना रिपोर्टों की तैयारी और पर्यावरणीय मानकों के पालन के बाद इस वर्ष के अंत में ऋण का पहला भुगतान शुरू होने की संभावना है।
स्थानीय नगरपालिकाओं और सामुदायिक समूहों को योजना प्रक्रिया में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है, ताकि सबसे आवश्यक जरूरतों को प्राथमिकता दी जा सके।
ऋण का वितरण राज्य सरकार और उसके विकास एजेंसियों के माध्यम से किया जाएगा, जबकि कार्यान्वयन की निगरानी एडीबी के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा की जाएगी। इस पहल से सतत आर्थिक लाभ और पर्यावरणीय जोखिमों में कमी की उम्मीद है, विशेषकर पहाड़ी क्षेत्रों में।
उत्तराखंड के अधिकारियों ने इस समर्थन का स्वागत किया, यह कहा कि यह ऋण राज्य की दीर्घकालिक योजना के साथ मेल खाता है, जिसमें बुनियादी सेवाओं का उन्नयन और निवेश आकर्षित करना शामिल है। यह एडीबी की दक्षिण एशिया में समावेशी विकास को बढ़ावा देने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
विस्तृत परियोजना रिपोर्टों की तैयारी और पर्यावरणीय मानकों के पालन के बाद इस वर्ष के अंत में ऋण का पहला भुगतान शुरू होने की संभावना है।
स्थानीय नगरपालिकाओं और सामुदायिक समूहों को योजना प्रक्रिया में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है, ताकि सबसे आवश्यक जरूरतों को प्राथमिकता दी जा सके।