📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
धर्म
प्रकाश राज ने कहा: गणेश विसर्जन हो चुका, ज्ञानेश विसर्जन बाकी
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 01 अक्टू. 2026, 06:37 PM
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प्रकाश राज ने बताया कि गणेश की मूर्तियों का विसर्जन हो चुका है, जबकि ज्ञानेश की मूर्ति का विसर्जन अभी बाकी है, दिल्ली में चल रहे उत्सवों के संदर्भ में।
अभिनेता प्रकाश राज ने दिल्ली में चल रहे गणेश चतुर्थी उत्सवों की प्रगति पर टिप्पणी की, यह बताते हुए कि गणेश की मूर्तियों का विसर्जन पहले ही हो चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि ज्ञानेश की मूर्ति का विसर्जन अभी बाकी है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उत्सव की अंतिम रस्में अभी पूरी नहीं हुई हैं।
यह बयान शहर के धार्मिक कार्यक्रमों को कवर कर रहे मीडिया प्रतिनिधियों के साथ एक संक्षिप्त बातचीत के दौरान दिया गया। गणेश चतुर्थी, एक प्रमुख हिंदू त्यौहार, आमतौर पर मिट्टी की मूर्तियों को जल निकायों में विसर्जित करने की रस्म से समाप्त होता है, जिसे भारत भर में मनाया जाता है।
दिल्ली प्राधिकरण ने पर्यावरणीय दिशानिर्देशों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए विसर्जन प्रक्रिया पर नज़र रखी है। जबकि मुख्य गणेश विसर्जन पूरा हो चुका है, अधिकारी आशा कर रहे हैं कि शेष ज्ञानेश विसर्जन इस सप्ताह के बाद में किया जाएगा।
प्रकाश राज के बयानों से यह स्पष्ट होता है कि उत्सव चरणबद्ध रूप से मनाए जा रहे हैं, जहाँ विभिन्न सामुदायिक समूह अपनी स्वयं की विसर्जन तिथियों को निर्धारित कर सकते हैं। शहर में यमुना किनारे भक्तों की भीड़ अभी भी अंतिम अनुष्ठानों के लिए इकट्ठा है।
विसर्जन के सटीक समय या स्थान के बारे में अभी कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई है, और आयोजकों ने अभी तक कोई विशेष शेड्यूल घोषित नहीं किया है।
यह बयान शहर के धार्मिक कार्यक्रमों को कवर कर रहे मीडिया प्रतिनिधियों के साथ एक संक्षिप्त बातचीत के दौरान दिया गया। गणेश चतुर्थी, एक प्रमुख हिंदू त्यौहार, आमतौर पर मिट्टी की मूर्तियों को जल निकायों में विसर्जित करने की रस्म से समाप्त होता है, जिसे भारत भर में मनाया जाता है।
दिल्ली प्राधिकरण ने पर्यावरणीय दिशानिर्देशों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए विसर्जन प्रक्रिया पर नज़र रखी है। जबकि मुख्य गणेश विसर्जन पूरा हो चुका है, अधिकारी आशा कर रहे हैं कि शेष ज्ञानेश विसर्जन इस सप्ताह के बाद में किया जाएगा।
प्रकाश राज के बयानों से यह स्पष्ट होता है कि उत्सव चरणबद्ध रूप से मनाए जा रहे हैं, जहाँ विभिन्न सामुदायिक समूह अपनी स्वयं की विसर्जन तिथियों को निर्धारित कर सकते हैं। शहर में यमुना किनारे भक्तों की भीड़ अभी भी अंतिम अनुष्ठानों के लिए इकट्ठा है।
विसर्जन के सटीक समय या स्थान के बारे में अभी कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई है, और आयोजकों ने अभी तक कोई विशेष शेड्यूल घोषित नहीं किया है।