अचलपुर में पानी की किलकत से परेशान ग्रामीण
सांचौर (जालौर): सांचौर विधानसभा क्षेत्र के अचलपुर गांव में पिछले कई महीनों से भीषण पेयजल संकट छाया हुआ है। गांव के निवासी और बेजुबान पशु बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। बार-बार गुहार लगाने के बावजूद स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा ध्यान न दिए जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
1. पेयजल संकट की विकराल स्थिति
टैंकरों पर निर्भरता: गांव में सरकारी जलापूर्ति ठप होने के कारण ग्रामीण महंगे दामों पर निजी पानी के टैंकर मँगवाने को मजबूर हैं। एक-एक टैंकर के लिए गरीब व मध्यमवर्गीय परिवारों को भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है।
बेजुबान पशुओं की दुर्दशा: अचलपुर और आसपास के इलाकों में मवेशियों के लिए पीने के पानी का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं बचा है। क्षेत्र के खेल और जल स्रोत सूख चुके हैं, जिससे पशु प्यास से भटकने को मजबूर हैं।
2. जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की अनदेखी
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने सांचौर विधायक और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के आला अधिकारियों को कई बार ज्ञापन दिए और व्यक्तिगत रूप से समस्या से अवगत कराया। इसके बावजूद अब तक धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। जनप्रतिनिधियों की यह उदासीनता ग्रामीणों के लिए निराशा और गुस्से का कारण बनी हुई है।
3. आंदोलन की चेतावनी
समस्या का त्वरित समाधान न होने पर अचलपुर के ग्रामीणों ने एकजुट होकर बड़े स्तर पर जन-आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है
ओर ईस समस्या का हल नहीं हुआ तो पंचायत राज चुनावो का बहिष्कार किया जाएगा ।
1. पेयजल संकट की विकराल स्थिति
टैंकरों पर निर्भरता: गांव में सरकारी जलापूर्ति ठप होने के कारण ग्रामीण महंगे दामों पर निजी पानी के टैंकर मँगवाने को मजबूर हैं। एक-एक टैंकर के लिए गरीब व मध्यमवर्गीय परिवारों को भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है।
बेजुबान पशुओं की दुर्दशा: अचलपुर और आसपास के इलाकों में मवेशियों के लिए पीने के पानी का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं बचा है। क्षेत्र के खेल और जल स्रोत सूख चुके हैं, जिससे पशु प्यास से भटकने को मजबूर हैं।
2. जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की अनदेखी
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने सांचौर विधायक और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के आला अधिकारियों को कई बार ज्ञापन दिए और व्यक्तिगत रूप से समस्या से अवगत कराया। इसके बावजूद अब तक धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। जनप्रतिनिधियों की यह उदासीनता ग्रामीणों के लिए निराशा और गुस्से का कारण बनी हुई है।
3. आंदोलन की चेतावनी
समस्या का त्वरित समाधान न होने पर अचलपुर के ग्रामीणों ने एकजुट होकर बड़े स्तर पर जन-आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है
ओर ईस समस्या का हल नहीं हुआ तो पंचायत राज चुनावो का बहिष्कार किया जाएगा ।