अपराध
आंगनबाड़ी मे नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी
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आंगनबाड़ी मे नौकरी दिलाने का झांसा देकर 4500रुपए लेकर थमा दिया फर्जी प्रमाण पत्र
कैमूर से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट
आंगनबाड़ी में नौकरी का झांसा, 4500 रुपये लेकर थमा दिया फर्जी प्रमाणपत्र!
नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का आरोप, विभाग ने लोगों को किया सावधान
कैमूर में आंगनबाड़ी में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि नौकरी का भरोसा देकर एक महिला से 4500 रुपये लिए गए और उसके हाथ में प्रशिक्षण का फर्जी प्रमाणपत्र थमा दिया गया। जब प्रमाणपत्र की जांच कराई गई तो मामला सामने आया। विभाग ने साफ किया है कि वर्ष 2020 के बाद आंगनबाड़ी में नियुक्ति के लिए कोई रिक्ति नहीं निकाली गई है।
मामला सोनहन थाना क्षेत्र के महुआरी गांव का है। यहां रहने वाले रूपा कुमार का आरोप है कि उनकी पत्नी नीतू कुमारी को आंगनबाड़ी में नौकरी दिलाने के नाम पर सेमरा गांव निवासी वीर बहादुर ने संपर्क किया। नौकरी लगवाने के लिए 4500 रुपये लिए गए और प्रशिक्षण का प्रमाणपत्र दिया गया। इसके बाद आठ हजार रुपये और मांगने का आरोप है।
रूपा कुमार ने भभुआ समाहरणालय स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय में प्रमाणपत्र की जांच कराई। विभाग ने प्रमाणपत्र को फर्जी बताया। उन्होंने रुपये वापस कराने और कार्रवाई की मांग की है।
बाल विकास परियोजना पदाधिकारी रेखा कुमारी ने लोगों से अपील की है कि नौकरी के नाम पर किसी को पैसा न दें और ऐसे फर्जीवाड़े से सावधान रहें।
आंगनबाड़ी में नौकरी का झांसा, 4500 रुपये लेकर थमा दिया फर्जी प्रमाणपत्र!
नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का आरोप, विभाग ने लोगों को किया सावधान
कैमूर में आंगनबाड़ी में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि नौकरी का भरोसा देकर एक महिला से 4500 रुपये लिए गए और उसके हाथ में प्रशिक्षण का फर्जी प्रमाणपत्र थमा दिया गया। जब प्रमाणपत्र की जांच कराई गई तो मामला सामने आया। विभाग ने साफ किया है कि वर्ष 2020 के बाद आंगनबाड़ी में नियुक्ति के लिए कोई रिक्ति नहीं निकाली गई है।
मामला सोनहन थाना क्षेत्र के महुआरी गांव का है। यहां रहने वाले रूपा कुमार का आरोप है कि उनकी पत्नी नीतू कुमारी को आंगनबाड़ी में नौकरी दिलाने के नाम पर सेमरा गांव निवासी वीर बहादुर ने संपर्क किया। नौकरी लगवाने के लिए 4500 रुपये लिए गए और प्रशिक्षण का प्रमाणपत्र दिया गया। इसके बाद आठ हजार रुपये और मांगने का आरोप है।
रूपा कुमार ने भभुआ समाहरणालय स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय में प्रमाणपत्र की जांच कराई। विभाग ने प्रमाणपत्र को फर्जी बताया। उन्होंने रुपये वापस कराने और कार्रवाई की मांग की है।
बाल विकास परियोजना पदाधिकारी रेखा कुमारी ने लोगों से अपील की है कि नौकरी के नाम पर किसी को पैसा न दें और ऐसे फर्जीवाड़े से सावधान रहें।