📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Frederick Noronha fredericknoronha1@gmail.com fro
शिक्षा
गांव के 86% स्कूलों में बच्चों के अनुकूल शौचालय नहीं, केंद्र ने बताया
✍️ The Times of India
🗓 18 अग. 2026, 04:08 PM
👁 5
केंद्र के एक हालिया रिपोर्ट में पता चला कि गोवा के 86% स्कूलों में बच्चों के अनुकूल शौचालय नहीं हैं, जिससे स्कूल बुनियादी ढांचे में एक बड़ी कमी उजागर हुई।
केंद्र ने गोवा के स्कूलों में बच्चों के अनुकूल शौचालयों की कमी पर एक अध्ययन जारी किया है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 86% शैक्षणिक संस्थानों में ऐसे शौचालय नहीं हैं, जिससे स्वच्छता और उपस्थिति पर असर पड़ सकता है।
बच्चों के लिए उपयुक्त शौचालयों की अनुपस्थिति विशेष रूप से लड़कियों के लिए चिंताजनक है, क्योंकि इससे मासिक धर्म के दौरान अनुपस्थिति बढ़ सकती है और स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कमी राष्ट्रीय शिक्षा और स्वास्थ्य लक्ष्यों को प्राप्त करने में बाधा बनती है।
इसके जवाब में, गोवा शिक्षा विभाग ने निष्कर्षों की समीक्षा करने और स्कूलों में बच्चों के अनुकूल शौचालयों की स्थापना को तेज करने का वादा किया है। अधिकारी कहते हैं कि राज्य के शिक्षा बजट और केंद्रीय अनुदानों से धन उपलब्ध कराया जाएगा।
केंद्र की रिपोर्ट ने तात्कालिक कार्रवाई की अपील की है, जिससे राज्य और स्थानीय प्राधिकरणों को बच्चों की जरूरतों को पूरा करने वाले शौचालयों के निर्माण को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि उपस्थिति और स्वास्थ्य परिणामों में सुधार हो सके।
बच्चों के लिए उपयुक्त शौचालयों की अनुपस्थिति विशेष रूप से लड़कियों के लिए चिंताजनक है, क्योंकि इससे मासिक धर्म के दौरान अनुपस्थिति बढ़ सकती है और स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कमी राष्ट्रीय शिक्षा और स्वास्थ्य लक्ष्यों को प्राप्त करने में बाधा बनती है।
इसके जवाब में, गोवा शिक्षा विभाग ने निष्कर्षों की समीक्षा करने और स्कूलों में बच्चों के अनुकूल शौचालयों की स्थापना को तेज करने का वादा किया है। अधिकारी कहते हैं कि राज्य के शिक्षा बजट और केंद्रीय अनुदानों से धन उपलब्ध कराया जाएगा।
केंद्र की रिपोर्ट ने तात्कालिक कार्रवाई की अपील की है, जिससे राज्य और स्थानीय प्राधिकरणों को बच्चों की जरूरतों को पूरा करने वाले शौचालयों के निर्माण को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि उपस्थिति और स्वास्थ्य परिणामों में सुधार हो सके।